मानसून में सर्दी-जुकाम का घरेलू उपाय

मानसून में सर्दी-जुकाम से राहत के लिए घरेलू पोटली का इस्तेमाल

मानसून के दौरान सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए अजवाइन, सेंधा नमक और सरसों के तेल से तैयार की गई गर्म पोटली का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है।

By : सोनिया रायकवार
मानसून में सर्दी-जुकाम से राहत के लिए घरेलू पोटली का इस्तेमाल

मानसून का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लाता है, लेकिन इस दौरान तापमान और नमी में बार-बार होने वाले बदलाव से सर्दी-जुकाम जैसी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। नाक बंद होना, गले में खराश, कफ, सिर में भारीपन और चेहरे पर हल्की सूजन जैसी दिक्कतें खासकर रात के समय परेशानी बढ़ा सकती हैं। ऐसे में कई लोग घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं। इन्हीं में से एक आसान तरीका है 3 चीजों से तैयार होने वाली गर्म पोटली, जिसकी भाप और गर्माहट बंद नाक व चेहरे के आसपास जकड़न में अस्थायी राहत दे सकती है। आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका और इसके फायदे।

घर में आसानी से तैयार होगी पोटली

इसके लिए आपको अजवाइन, सेंधा नमक और थोड़ा सा सरसों का तेल चाहिए। सबसे पहले एक साफ सूती कपड़ा लें। एक पैन में अजवाइन और सेंधा नमक को हल्का गर्म करें। इसमें कुछ बूंदें सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब इस गर्म मिश्रण को कपड़े के बीच में रखकर पोटली की तरह बांध लें।ध्यान रखें कि मिश्रण बहुत ज्यादा गर्म न हो। पोटली को इस्तेमाल करने से पहले हाथ की त्वचा पर तापमान जरूर जांच लें, ताकि जलने का खतरा न रहे।

ऐसे करें इस्तेमाल

रात में सोने से पहले इस पोटली को नाक के आसपास, गालों और माथे के पास हल्के-हल्के सेंक के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। बंद नाक की स्थिति में पोटली से मिलने वाली गर्माहट और अजवाइन की खुशबू से कुछ लोगों को सांस लेने में आराम महसूस हो सकता है। इसे कुछ मिनट तक हल्के हाथ से इस्तेमाल करें। आंखों के बिल्कुल पास या बहुत गर्म अवस्था में पोटली न लगाएं।

कफ और सर्दी के दौरान सीने पर गर्म सेंक भी आरामदायक लग सकता है, लेकिन इसे सीधे त्वचा पर लंबे समय तक न रखें। बच्चों के मामले में विशेष सावधानी बरतें।

पफीनेस में भी मिल सकता है आराम

सर्दी-जुकाम के दौरान चेहरे के आसपास भारीपन या हल्की पफीनेस महसूस हो सकती है। ऐसे में हल्की गर्माहट कुछ समय के लिए जकड़न और असहजता कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि, यह किसी संक्रमण का इलाज नहीं है और चेहरे की सूजन के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं।

जरूरी है सावधानी

घरेलू पोटली से मिलने वाली राहत व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकती है। यह फ्लू या किसी वायरल संक्रमण का इलाज नहीं है। तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में तेज दर्द, लगातार बिगड़ते लक्षण या कई दिनों तक राहत न मिलने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। गर्म पोटली का इस्तेमाल करते समय त्वचा जलने से बचें और इसे आंखों या संवेदनशील त्वचा पर सीधे न लगाएं।

इस तरह मानसून में सर्दी-जुकाम के दौरान यह आसान घरेलू तरीका कुछ लोगों को अस्थायी आराम दे सकता है, लेकिन इसे इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए।

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