झारखण्ड CM हेमंत सोरेन के काफिले को रोकने के मामले में नेता भैरव सिंह बरी

भैरव सिंह को बरी किया गया

झारखण्ड CM हेमंत सोरेन के काफिले को रोकने के मामले में नेता भैरव सिंह बरी

रांची की अदालत ने भैरव सिंह को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले को रोकने के आरोप में बरी कर दिया है।

झारखण्ड cm हेमंत सोरेन के काफिले को रोकने के मामले में नेता भैरव सिंह बरी

झारखण्ड CM हेमंत सोरेन के काफिले को रोकने के मामले में नेता भैरव सिंह बरी | None

रांची की एक अदालत ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले को रोकने से जुड़े चर्चित मामले में आरोपी भैरव सिंह को बुधवार को बरी कर दिया गया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके चलते भैरव सिंह को दोषमुक्त करार दिया गया।

2021 की घटना से जुड़ा है मामला

नेता भैरव सिंह

यह मामला 4 जनवरी 2021 का है, जब रांची के किशोरगंज चौक पर मुख्यमंत्री के काफिले को प्रदर्शनकारियों द्वारा रोके जाने का आरोप लगा था। उस समय ओरमांझी में एक युवती की हत्या के विरोध में लोगों का प्रदर्शन चल रहा था। घटना के बाद पुलिस ने भैरव सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज हुआ था केस

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे ओरमांझी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान मुख्यमंत्री का काफिला प्रभावित हुआ, जिसके बाद मामले में कार्रवाई की गई। भैरव सिंह ने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण भी किया था और न्यायिक प्रक्रिया का सामना किया।

झारखण्ड सीएम सोरेन

ओरमांझी हत्याकांड से फैला था आक्रोश

जिस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था, उसने पूरे झारखंड को झकझोर दिया था। जनवरी 2021 में ओरमांझी क्षेत्र के जंगल से एक युवती का सिरकटा शव बरामद हुआ था। बाद में पुलिस ने शव की पहचान सूफिया परवीन के रूप में की थी। इस जघन्य वारदात को लेकर लोगों में भारी नाराजगी थी, जिसके चलते कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।

पांच साल पुराने मामले में मिली राहत

रांची अदालत

करीब पांच वर्ष तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत के फैसले से भैरव सिंह को बड़ी राहत मिली है। अदालत के निर्णय के साथ ही मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने से जुड़े इस बहुचर्चित मामले का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है। अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में सफल नहीं हो पाया, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।

संबंधित सामग्री

झारखंड में आतंकियों के संदिग्ध स्लीपर सेल पर ATS का शिकंजा, 61 संदिग्धों की पहचान; गतिविधियों पर कड़ी नजर

देश-विदेश

झारखंड में आतंकियों के संदिग्ध स्लीपर सेल पर ATS का शिकंजा, 61 संदिग्धों की पहचान; गतिविधियों पर कड़ी नजर

झारखंड में आतंकवादी संगठनों से जुड़े संदिग्ध स्लीपर सेल के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई, ATS ने 61 संदिग्धों की पहचान कर विशेष निगरानी शुरू की।

झारखंड को मिले 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव, CM सोरेन ने रखा विकास का नया विजन

राज्य

झारखंड को मिले 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव, CM सोरेन ने रखा विकास का नया विजन

झारखंड सरकार ने राज्य को तकनीकी हब बनाने के लिए विश्वस्तरीय कंपनियों के साथ 14 समझौते किए, जिससे 99 हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद है।

AI और डिजिटल क्रांति से झारखंड को मिलेगी नई पहचान, टेक कंपनियों के साथ सीएम सोरेन ने बनाई भविष्य की रणनीति

राज्य

AI और डिजिटल क्रांति से झारखंड को मिलेगी नई पहचान, टेक कंपनियों के साथ सीएम सोरेन ने बनाई भविष्य की रणनीति

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड को तकनीकी नवाचार में अग्रणी बनाने के लिए वैश्विक कंपनियों के साथ बैठकें की, डिजिटल गवर्नेंस और AI प्रशिक्षण पर जोर दिया।

झारखंड में निवेश और विकास को मिलेगी नई रफ्तार, राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन का आगाज

राज्य

झारखंड में निवेश और विकास को मिलेगी नई रफ्तार, राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन का आगाज

झारखंड सरकार ने उद्योग, निवेश, आईटी, एआई और पर्यटन के क्षेत्र में विकास के लिए नई पहल की है। बुधवार से नई दिल्ली में दो दिवसीय सम्मेलन शुरू हुआ।

झारखंड में इको टूरिज्म, खेल और कला-संस्कृति को मिलेगी नई रफ्तार, CM हेमंत सोरेन ने दिए बड़े निर्देश

राज्य

झारखंड में इको टूरिज्म, खेल और कला-संस्कृति को मिलेगी नई रफ्तार, CM हेमंत सोरेन ने दिए बड़े निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड में पर्यटन, खेल और संस्कृति के विकास के लिए विभिन्न निर्देश दिए और नई पर्यटन नीति और इको टूरिज्म परियोजनाओं का विस्तार करने पर बल दिया।