अविमुक्तेश्वरानंद ने 81 दिन की गौ सेवा यात्रा की शुरुआत की, बोले - योगी गो माता ...

81-दिवसीय गो सेवा यात्रा शुरू

अविमुक्तेश्वरानंद ने 81 दिन की गौ सेवा यात्रा की शुरुआत की, बोले - योगी गो माता को राष्ट्रमाता घोषित करें

गोरखपुर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 81 दिनों की गो सेवा यात्रा शुरू की, जिसमें गायों के संरक्षण और उन्हें 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग की गई है।

अविमुक्तेश्वरानंद ने 81 दिन की गौ सेवा यात्रा की शुरुआत की बोले - योगी गो माता को राष्ट्रमाता घोषित करें

अविमुक्तेश्वरानंद ने 81 दिन की गौ सेवा यात्रा की शुरुआत की |

ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गोरखपुर से 81 दिन की गो सेवा यात्रा की शुरुआत की। इसकी शुरुआत सहारा एस्टेट स्थित भारत माता मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- हम यहां CM योगी आदित्यनाथ के लिए नहीं आए हैं। गोरक्षा के नाम पर इस जगह का नाम है। गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली है, इसलिए हम यहां से यात्रा की शुरूआत कर रहे हैं। केवल उन्हें सूचना देनी होती तो हम प्रदेश के किसी जिले में करते उन तक जानकारी पहुंच ही जाती।

गो माता को राष्ट्र माता का मिले दर्जा

गोरखपुर ग्रामीण से शुरू यह यात्रा गोरखपुर विधानसभा में सम्पन्न होगी। इस यात्रा का उद्देश्य गायों के संरक्षण को बढ़ावा देना और गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए जनजागरण करना है। यात्रा के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद रोजाना 5 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेंगे। वे अपने रथ से लोगों को संबोधित करेंगे। यात्रा हर दिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। यह यात्रा राज्य की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगी और 23 जुलाई को गोरखपुर में ही समापन होगा, जहां एक बड़ी जनसभा आयोजित होगी।

3 लाख रामाधाम बनाए जाएंगे

जिला प्रशासन ने सहारा एस्टेट में यात्रा के लिए 29 शर्तों के साथ अनुमति दी। कार्यक्रम के तहत सुबह 7 बजे अविमुक्तेश्वरानंद मंच पर आएंगे, पूजन-अर्चन और चरण पादुका पूजन के बाद लोगों को संबोधित करेंगे, फिर 10 बजे यात्रा शुरू होगी। यात्रा शुरु होने से पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सीएम योगी गो माता को राष्ट्रमाता घोषित कर दें तो उनके कसीदे पढ़ने लगेंगे। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि गोरखपुर में करीब 3 लाख रामाधाम बनाए जाएंगे।

हर विधानसभा क्षेत्र में ऐसे केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन रामाधाम का लक्ष्य धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा। यहां भगवान राम से जुड़ी पूजा-अर्चना, सत्संग, गौ सेवा और समाज को जोड़ने वाले कार्यक्रम आयोजित होंगे।

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