झारखंड की राजनीति के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह का निधन हो गया। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उन्हें सांस लेने में लगातार दिक्कत हो रही थी। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अत्री गांगोपाध्याय की देखरेख में उनका उपचार चल रहा था।
राजनीतिक सफर रहा प्रभावशाली
माधवलाल सिंह झारखंड की सियासत का एक बड़ा और सम्मानित चेहरा माने जाते थे। वह गोमिया विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक चुने गए और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाए रखी। उन्होंने बिहार के एकीकृत शासनकाल के साथ-साथ झारखंड राज्य बनने के बाद भी मंत्री पद की जिम्मेदारी निभाई।
CM हेमंत सोरेन ने जताया गहरा शोक
झारखण्ड सीएम सोरेन का ट्वीट
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्व मंत्री के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि माधवलाल सिंह का जाना सार्वजनिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। सीएम ने लिखा कि उन्होंने लंबे समय तक जनसेवा और सामाजिक कार्यों में अहम योगदान दिया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना की।
अंतिम दर्शन के बाद पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
माधवलाल सिंह ने सुबह करीब 9:40 बजे रांची के पल्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके परिवार के अनुसार, पार्थिव शरीर को दोपहर में झारखंड विधानसभा ले जाया जाएगा, जहां लोगों को अंतिम दर्शन का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव गोमिया में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
उनके निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं और समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। माधवलाल सिंह का जीवन जनसेवा और समर्पण का प्रतीक रहा, जिसे झारखंड की जनता लंबे समय तक याद रखेगी।