Tamim Iqbal ON T-20 WC: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अंतरिम अध्यक्ष और पूर्व कप्तान तमीम इकबाल का T-20 वर्ल्ड कप 2026 से नाम वापस लेने को लेकर एक बयान सामने आया है। उनका मानना है कि, T-20 वर्ल्ड कप से हटने के फैसले को गलती बताया।
तमीम इकबाल का बयान
एक इंटरव्यू के दौरान BCB के अंतरिम अध्यक्ष तमीम ने कहा कि- 'पिछली सरकार और बोर्ड ने जिस तरह से इस मुद्दे को संभाला, वह सही नहीं था।'
उन्होंने आगे कहा कि- 'BCCI और भारत के साथ अब उनके कोई मतभेद नहीं हैं और वे द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए उत्सुक हैं। साथ ही उन्होंने BCCI के प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास को अपना पुराना दोस्त बताया।'

इकबाल ने आगे कहा कि-
‘मैंने मिथुन के साथ बहुत क्रिकेट खेला है। IPL में हम एक ही टीम में थे और वे ढाका लीग खेलने कई बार बांग्लादेश आए हैं। हमारे बीच बहुत अच्छा तालमेल है।’
वर्ल्ड कप से बंगलादेश के हटने को बताया गलत
तमीम ने बंग्लादेश को वर्ल्ड कप से नाम वापस लेने के फैसले गलत बताया और उन्होंने कहा- "हमने 1996-97 में वर्ल्ड कप क्वालीफाई करने के लिए कितना संघर्ष किया था, मुझे आज भी याद है। बिना किसी ठोस बातचीत के वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से नाम वापस लेना गलत था। टीम में ऐसे कई खिलाड़ी होंगे जो शायद अब दोबारा कभी वर्ल्ड कप न खेल पाएं। सुरक्षा को लेकर कोई वास्तविक खतरा नहीं था, भारत में हमारे खिलाड़ियों का हमेशा स्वागत होता है।"
बोर्ड में बदलाव और भविष्य की रणनीति
1. तमीम ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ बेहतर तालमेल पर जोर दिया है। उन्होंने जय शाह और मिथुन मन्हास के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके बारे में हमेशा सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उनके अनुसार, ICC एक परिवार की तरह है जहां आपसी सहयोग से क्रिकेट को आगे बढ़ाया जा सकता है।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा 1,300 करोड़ का फंड BCB की वित्तीय स्थिति को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि- बैंक में ₹1,300 करोड़ सुरक्षित हैं। तमीम का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस बड़ी पूंजी का निवेश खिलाड़ियों की सुविधाओं और विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में किया जाए, ताकि भविष्य के सितारे तैयार हो सकें।
3. समय सीमा से पहले चुनाव कराने का लक्ष्य प्रशासनिक सुधारों की दिशा में तेजी दिखाते हुए तमीम ने कहा कि चुनाव कराने के लिए उन्हें 90 दिनों का समय मिला था। हालांकि, उनकी प्राथमिकता इसे मात्र 60 दिनों के भीतर पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की है।
4. तमीम ने पुराने बोर्ड के कार्यकाल की कमियों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि- 'कुप्रबंधन के चलते ढाका की स्थानीय टीमों ने खेलने से इनकार कर दिया था और खिलाड़ियों का भुगतान तक अटका हुआ था।'
5. तमीम का मानना है कि क्रिकेट बोर्ड चलाने के लिए केवल खेल का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्होंने एक व्यावसायिक नजरिया पेश करते हुए कहा कि बोर्ड में मार्केटिंग, फाइनेंस और ब्रांडिंग जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों की आवश्यकता है, ताकि संस्था को आधुनिक और प्रोफेशनल ढंग से चलाया जा सके।
तमीम इकबाल की मांग
उन्होंने कहा- 'मैंने खेल मंत्री और गृह मंत्री से बात की है। मैं चाहता हूं कि खेल में भ्रष्टाचार करने वालों के लिए 10 साल की जेल का कानून बने। खिलाड़ियों और बच्चों को यह समझ आना चाहिए कि अगर वे सट्टेबाजी या फिक्सिंग में शामिल होते हैं, तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा। केवल बैन लगना काफी नहीं है।'