Apara Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की पहली एकादशी को अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस तिथि को अपार पुण्य, सुख-समृद्धि और आर्थिक समस्याओं से मुक्ति दिलाने वाली माना जाता है। भगवान विष्णु की प्रिय इस एकादशी पर किए गए उपाय और व्रत से मानसिक तनाव दूर होता है तथा जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।
अपरा एकादशी 2026 तिथि और मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 मई 2026 को दोपहर 2:52 बजे शुरू होगी और 13 मई 2026 को दोपहर 1:29 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर अपरा एकादशी का व्रत 13 मई 2026 को रखा जाएगा। शुभ पूजा मुहूर्त सुबह 5:32 बजे से सुबह 8:55 बजे तक है।
घी का दीपक और विष्णु सहस्रनाम पाठ
शाम के समय घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। इससे घर में समृद्धि आती है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं, जो लोग समय दे सकें, उन्हें विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। यदि पूरा पाठ संभव न हो तो भगवान के नामों का स्मरण और सरल पूजा भी लाभकारी है।

दान-पुण्य से मिलेगा कई गुना फल
अपरा एकादशी पर दान का विशेष महत्व है। जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े, अनाज या अन्य उपयोगी वस्तुएं दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।
1. गाय को हरा चारा खिलाएं
2. पक्षियों को दाना डालें
3. गरीबों की मदद करें
भगवान विष्णु को प्रिय तुलसी और पीला रंग
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अपरा एकादशी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान कर हल्के रंग के साफ वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र के सामने पूजा करें।
पीले फूल, तुलसी के पत्ते और मौसमी फल
तुलसी को विष्णु जी का सबसे प्रिय माना जाता है, इसलिए पूजा में तुलसी का इस्तेमाल अवश्य करें। पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। इससे मन को शांति मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
5 चमत्कारी उपाय अपरा एकादशी पर
1. पीले फूल और तुलसी अर्पित कर विष्णु पूजा करें
2. घी का दीपक जलाएं
3. “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें
4. दान-पुण्य अवश्य करें
5. विष्णु सहस्रनाम का पाठ या नाम स्मरण करें
ज्योतिषियों के अनुसार इन छोटे-छोटे उपायों से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के जीवन में आर्थिक तंगी, बाधाएं और मानसिक परेशानियां दूर होकर सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।