योगी सरकार की चार सदस्यीय टीम परखेगी आयुष्मान अस्पतालों की सुविधाओं की हकीकत
लखनऊ, 25 सितंबर। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को बेहतर और सुरक्षित इलाज उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने योजना से जुड़े अस्पतालों की निगरानी बढ़ा दी है। अब अस्पतालों में तय मानकों और योजना के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए चार सदस्यीय टीम औचक निरीक्षण करेगी। स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) की ओर से गठित टीम ने अस्पतालों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। निरीक्षण में सुविधाओं के साथ मरीजों के साथ अस्पताल के कर्मचारियों के व्यवहार और साफ-सफाई की व्यवस्था भी जांची जा रही है।
लखनऊ के अस्पतालों में औचक निरीक्षण
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निरीक्षण किया जा रहा है। चार सदस्यीय टीम ने लखनऊ में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पतालों के इंफ्रास्ट्रक्चर, उपलब्ध मानव संसाधन, कर्मचारियों के व्यवहार, साफ-सफाई और बायोमेडिकल वेस्ट के प्रबंधन की स्थिति की जांच की गई। टीम ने अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली।
ओटी और आईसीयू की व्यवस्था पर विशेष नजर
निरीक्षण के दौरान अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर (OT) और ICU की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। टीम ने देखा कि इन महत्वपूर्ण स्थानों पर साफ-सफाई, संक्रमण से बचाव और सुरक्षा के तय मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और कर्मचारियों की स्थिति का भी जायजा लिया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
आयुष्मान योजना की जानकारी भी जांची गई
टीम ने यह भी देखा कि अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना से संबंधित जानकारी मरीजों के लिए उपलब्ध है या नहीं। योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देने वाली सामग्री अस्पताल में प्रदर्शित की गई है या नहीं, इसकी भी जांच की गई। मरीजों को योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की सही जानकारी दी जा रही है या नहीं, इस पहलू को भी निरीक्षण में शामिल किया गया।
मरीजों से अच्छा व्यवहार जरूरी
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सभी अस्पतालों के लिए योजना के नियमों और निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है। अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि लाभार्थियों को साफ और सुरक्षित वातावरण के साथ उचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बताया कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ अस्पताल कर्मचारियों का व्यवहार भी निरीक्षण का अहम हिस्सा है।
नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
सरकार की ओर से आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों को तय मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी अस्पताल में नियमों या निर्धारित मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों को विशेष रूप से साफ-सफाई, मरीजों के साथ व्यवहार, कर्मचारियों की उपलब्धता, बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण, ओटी-आईसीयू की व्यवस्था और आयुष्मान योजना की जानकारी मरीजों तक पहुंचाने पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।