उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की कार्रवाई तेज हुई है। 23 सितंबर 2026 तक प्रदेश में 71 कथित मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ PIT-NDPS एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
78.5 करोड़ की संपत्तियों पर कार्रवाई
नशे के कारोबार से कथित तौर पर अर्जित संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, 2026 में 23 सितंबर तक 69 मामलों में करीब 78.5 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर जब्ती की कार्रवाई हुई। यह आंकड़ा 2025 में हुई कार्रवाई की तुलना में काफी अधिक है।
नेटवर्क और आर्थिक स्रोत पर फोकस
डीजीपी राजीव कृष्ण के मुताबिक, कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ना और नशे के कारोबार से कथित तौर पर अर्जित अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई करना भी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को 2029 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में कार्रवाई तेज की जा रही है।
PIT-NDPS के तहत बढ़ी कार्रवाई
आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में प्रदेश में PIT-NDPS एक्ट के तहत 7 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। 2025 में यह संख्या 19 रही, जबकि 2026 में 23 सितंबर तक 71 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें ANTF की ओर से 33 मामलों में कार्रवाई की गई।
कई आरोपियों पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, PIT-NDPS एक्ट के तहत गुरुमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शेरमणि पटेल और परमानंद उर्फ पप्पू समेत कई कथित मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
अवैध संपत्ति पर कानूनी कार्रवाई
डीजीपी के अनुसार, NDPS एक्ट की धारा 68-E और 68-F के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी से कथित तौर पर अर्जित संपत्तियों को पहले अस्थायी रूप से फ्रीज किया जाता है। जांच और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बाद इन्हें स्थायी रूप से जब्त किया जा सकता है।