उज्जैन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक और अखिल भारतीय कार्यकारिणी के आमंत्रित सदस्य विनोद कुमार का मंगलवार को 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने उज्जैन स्थित आराधना भवन में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से संघ परिवार और भाजपा कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि
बुधवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन स्थित आराधना भवन पहुंचे। उन्होंने विनोद कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मुख्यमंत्री अंतिम यात्रा में शामिल हुए और उन्होंने विनोद कुमार की अर्थी को कंधा भी दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके संघ और राष्ट्र सेवा में दिए योगदान को याद किया।
अंतिम यात्रा में जुटे भाजपा और संघ के नेता
विनोद कुमार की अंतिम यात्रा आराधना भवन से शुरू हुई। इस दौरान परिसर में गमगीन माहौल रहा। भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक चिंतामण मालवीय और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन समेत बड़ी संख्या में संघ स्वयंसेवक, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चक्रतीर्थ में हुआ अंतिम संस्कार
आराधना भवन से शुरू हुई अंतिम यात्रा उज्जैन शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए चक्रतीर्थ पहुंची। यहां विधि-विधान के साथ विनोद कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों और समर्थकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
महाकाल की नगरी में बिताए अंतिम दिन
विनोद कुमार अपने जीवन के अंतिम दिनों में भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में रहना चाहते थे। उनके चाचा वीरेंद्र कुमार के अनुसार उज्जैन प्रवास के दौरान उनकी दिनचर्या आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ी रहती थी। वे सुबह करीब 4 बजे उठकर महाकाल दर्शन करते और इसके बाद नामजप करते थे।
महाकुंभ में किया था शैया दान
बताया जाता है कि पिछले वर्ष प्रयागराज महाकुंभ के दौरान विनोद कुमार ने अपनी शैया दान कर दी थी। इसी दौरान उन्होंने अपनी वसीयत में इच्छा जताई थी कि जिस स्थान पर उनका निधन हो, वहीं उनका अंतिम संस्कार किया जाए। उनकी इस इच्छा के अनुरूप उज्जैन में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया।
संघ में निभाई कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
विनोद कुमार का जन्म उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बामनौली गांव में हुआ था। उनका बचपन मेरठ के इंद्रा नगर में बीता। परिवार में उन्हें स्नेह से 'गांधी' कहकर पुकारा जाता था। मोदीनगर से स्नातकोत्तर की शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र सेवा और संघ कार्य के लिए समर्पित कर दिया।
संगठन विस्तार में रहा अहम योगदान
विनोद कुमार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में मध्य क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक और अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख सहित कई महत्वपूर्ण दायित्व संभाले। उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी, उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद समेत देश के कई क्षेत्रों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं। उनके निधन से संघ परिवार ने एक वरिष्ठ और समर्पित प्रचारक को खो दिया है।