उज्जैन में आयुर्वेद इंटर्न विद्यार्थियों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। मंगलवार को विद्यार्थियों ने 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल के साथ सद्बुद्धि यज्ञ किया। विद्यार्थियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है।
300 इंटर्न विद्यार्थी आंदोलन में शामिल
उज्जैन के शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय में करीब 300 इंटर्न विद्यार्थी 5 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग की जा रही है। मंगलवार को आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए।
दो छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठीं
आंदोलन के तहत मंगलवार को डॉ. मुस्कान मंडावत और डॉ. अंजली राठौर 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठीं। दोनों छात्राओं ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया। विद्यार्थियों ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार तक अपनी मांग मजबूती से पहुंचाना है।
सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए किया यज्ञ
विद्यार्थियों ने मंगलवार को सद्बुद्धि यज्ञ भी किया। छात्रों का कहना है कि सरकार उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय ले और स्टाइपेंड वृद्धि का लिखित आदेश जारी करे। यज्ञ के जरिए विद्यार्थियों ने शासन से जल्द फैसला लेने की अपील की।
9 हजार 383 रुपए स्टाइपेंड से नाराजगी
आयुर्वेद इंटर्न विद्यार्थियों की मुख्य मांग वर्तमान 9 हजार 383 रुपए के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें अन्य चिकित्सा पद्धतियों के इंटर्न के समान स्टाइपेंड दिया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि काम और जिम्मेदारियों के मुकाबले मौजूदा राशि पर्याप्त नहीं है।
लिखित आदेश तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया है कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि सरकार विद्यार्थियों की मांग पर कब तक फैसला लेती है।