मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक करीब 1000 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने इस यात्रा को ‘सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा’ नाम दिया है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य धर्म को राजनीति का साधन बनाने और धर्म के नाम पर आर्थिक लाभ लेने वालों के खिलाफ आवाज उठाना है। 80 साल की उम्र में इतनी लंबी यात्रा के सवाल पर उन्होंने कहा कि उम्र भले ही 80 साल है, लेकिन वह खुद को 50 साल का महसूस करते हैं।
राम मंदिर के चंदे पर लगाए गंभीर आरोप
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और उससे जुड़े खर्च को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के लिए मिले चंदे का इस्तेमाल भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय बनाने के साथ चुनावी गतिविधियों में भी किया गया। उन्होंने मंदिर में मिले दान में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नकद और सोने-चांदी को मिलाकर करीब 200 से 300 करोड़ रुपये की हेराफेरी का दावा किया।
सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने का भी दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मंदिर से जुड़े करीब आठ महीने के सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया गया। हालांकि, इन आरोपों को लेकर उन्होंने सार्वजनिक तौर पर जिन तथ्यों का हवाला दिया है, उन पर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं। दिग्विजय सिंह ने मंदिर निर्माण और चंदे के पूरे हिसाब को सार्वजनिक करने की मांग की है।
1400 करोड़ रुपये और चांदी की ईंटों का हिसाब मांगा
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण की लागत को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि निर्माण की लागत पहले करीब 800 करोड़ रुपये बताई गई थी, जो बढ़कर 2200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। उन्होंने 1989 में राम शिला पूजन के दौरान जुटाए गए करीब 1400 करोड़ रुपये और चांदी की ईंटों का हिसाब भी सार्वजनिक करने की मांग की।
विश्वास सारंग ने मांगे आरोपों के सबूत
दिग्विजय सिंह के आरोपों पर भाजपा मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह लंबे समय से तुष्टिकरण की राजनीति करते रहे हैं और राम मंदिर जैसे आस्था के विषय पर ऐसे बयान करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की भावनाओं को आहत करते हैं। सारंग ने कहा कि यदि दिग्विजय सिंह के पास आरोपों के ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने बिना प्रमाण धार्मिक भावनाएं भड़काने और भ्रम फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।