उत्तराखंड सरकार के संस्कृति विभाग की ओर से 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत हर्रावाला (देहरादून) से गुजरात के वेरावल स्थित सोमनाथ धाम के लिए विशेष आस्था ट्रेन रवाना हो गई। इस यात्रा में प्रदेश के सभी 13 जिलों से आए 720 श्रद्धालु, संत और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल हैं।
विशेष रेल यात्रा
सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 साल और मंदिर के पुनरुद्धार के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष रेल यात्रा को हर्रावाला रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा के साथ उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से जल कलश भी सोमनाथ धाम भेजे गए। संस्कृति विभाग ने रेलवे और IRCTC के सहयोग से यात्रा की सभी व्यवस्थाएं पहले ही पूरी कर ली थीं।
9 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान
संस्कृति विभाग के निदेशक प्रदीप जोशी ने 8 जुलाई को मुरादाबाद मंडल के मंडलीय रेल प्रबंधक को पत्र भेजकर यात्रा की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था। उत्तर क्षेत्र IRCTC, लखनऊ के अनुरोध पर विभाग ने ट्रेन की रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में 9 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान भी किया था, ताकि यात्रा संचालन में किसी तरह की बाधा न आए। विशेष आस्था ट्रेन में शामिल सभी श्रद्धालुओं के लिए रेल यात्रा, भोजन और ठहरने की व्यवस्था निःशुल्क की गई। यात्रा के दौरान सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात्रि भोजन, पीने का पानी, चाय-कॉफी, शीतल पेय, छाछ और पैक्ड नारियल पानी की सुविधा दी रही है। ट्रेन में जरूरी स्टाफ और नामित अधिकारियों की भी तैनाती की गई है।
'एक भारत, श्रेष्ठ भारत'
यह विशेष रेल यात्रा सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 साल और मंदिर के पुनरुद्धार के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है। यात्रा के साथ उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से जल कलश भी सोमनाथ धाम भेजे गए। प्रदेश सरकार के अनुसार यह आयोजन 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूत करने के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से लोगों को जोड़ने का प्रयास है।