उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा के लोहिया हेड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित 'जनता मिलन' कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए और महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) को आजीविका बढ़ाने के लिए दो नई वैन भी सौंपीं।

दिव्यांगजनों को मिले व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल और अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुविधाजनक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक उनका लाभ समय पर पहुंचाना भी है।
महिला स्वयं सहायता समूह को मिली दो नई वैन
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने एक महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) को दो नई वैन हरी झंडी दिखाकर रवाना कीं। इन वाहनों से महिलाओं को अपने उत्पादों के परिवहन, विपणन और आजीविका संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सरकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने का संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को उत्तराखंड के अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
'जनता मिलन' कार्यक्रम में सुनीं लोगों की समस्याएं
'जनता मिलन' कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और क्षेत्रीय समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और कुछ समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया।
जनसेवा और सुशासन पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता से सीधे संवाद और समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों से जुड़े मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।