उत्तर प्रदेश देश का 5वां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही दौरे से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदेश के निर्यात और भदोही के कालीन उद्योग को लेकर सरकार की उपलब्धियां साझा कीं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश का निर्यात करीब 2.27 गुना बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के निर्यात में भदोही के कालीन उद्योग की अहम भूमिका है।
भदोही के कालीन की दुनियाभर में मांग

सीएम योगी ने कहा कि भदोही के हाथ से बने कालीन दुनियाभर में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन कारीगरों ने अपनी मेहनत से भदोही के कालीन उद्योग को आगे बढ़ाया, उनके हुनर को अब विकास और वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
भदोही देश के प्रमुख कालीन निर्यात केंद्रों में शामिल है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भदोही में करीब 63 हजार कारीगर काम करते हैं और पूरे क्लस्टर से बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है।
इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को भदोही में 'इंडिया कारपेट एक्सपो' के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान वे कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, कारोबारियों और उद्यमियों से संवाद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कारीगरों को सम्मान, उद्यमियों को नए अवसर और युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। भदोही के कालीन उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
112 विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री के मुताबिक, भदोही दौरे के दौरान भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों में 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। इसके साथ ही अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ भी प्रदान किया जाएगा।
कालीन उद्योग से जुड़ी सरकारी योजनाओं में प्रशिक्षण, कारीगरों को सहायता और क्लस्टर के विकास जैसी पहल भी शामिल हैं। केंद्र सरकार के अनुसार, भदोही के हस्तनिर्मित कालीन को GI पहचान मिली हुई है और यह देश के प्रमुख कालीन निर्यात केंद्रों में से एक है।