उत्तर प्रदेश के भदोही जिले को अब ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिले का नाम बदलने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
सद्गुरु रविदास जी महाराज के नाम पर भदोही जाना जाएगा... https://t.co/kdWT1PtTpd
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 4, 2026
भदोही को मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब भदोही जिले की पहचान संत रविदास नगर भदोही के नाम से होगी। इससे पहले जुलाई 2026 में भी उन्होंने भदोही का नाम दोबारा संत रविदास नगर करने की घोषणा की थी। भदोही का नाम दिसंबर 2014 में संत रविदास नगर से बदलकर भदोही किया गया था।
2017 से पहले के यूपी का जिक्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की स्थिति का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने उस दौर को दंगे, माफियाराज, गुंडागर्दी और कर्फ्यू से जोड़ते हुए कहा कि अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदलाव आया है। ये बातें मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप और उनका आकलन हैं।
यूपी में निवेश प्रस्तावों का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर भी आंकड़े साझा किए। उनके मुताबिक, प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए ग्राउंडब्रेकिंग हो चुकी है, जबकि 7.5 लाख करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाओं के लिए जल्द ग्राउंडब्रेकिंग समारोह आयोजित किए जाएंगे।
कालीन उद्योग पर जोर
भदोही के प्रसिद्ध कालीन उद्योग का भी कार्यक्रम में खास तौर पर जिक्र हुआ। मुख्यमंत्री ने कारीगरों और कालीन उद्योग की वैश्विक पहचान की बात कही। इसी दौरान 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन भी हुआ, जिसमें कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, कारोबारियों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
112 विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने भदोही में 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके अलावा संत रविदास नगर, मिर्जापुर और वाराणसी को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित करने और वाराणसी-विंध्य क्षेत्रीय विकास योजना को आगे बढ़ाने की बात भी सामने आई है।