मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला एक वीडियो सामने आया है। निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल का एक स्वीपर कथित तौर पर महिला और पुरुष मरीजों को इंजेक्शन लगाता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
स्वीपर के हाथ में मरीजों का इलाज?
वायरल वीडियो में अस्पताल में पदस्थ स्वीपर रामलखन साकेत मरीजों को इंजेक्शन लगाते नजर आ रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति और कथित लापरवाही के चलते अस्पताल में स्वीपर से मरीजों को इंजेक्शन लगवाया जा रहा था।
BMO को नोटिस, जांच शुरू
मामले को गंभीरता से लेते हुए सिंगरौली के CMHO डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर ने निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के BMO अशोक सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित अधिकारी के खिलाफ 10 दिनों की वेतन कटौती जैसी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अस्पताल प्रबंधन पर भी उठे सवाल
वीडियो में स्वीपर को मरीजों को इंजेक्शन लगाते देखे जाने के बाद अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर केशव सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी गैर-चिकित्सकीय कर्मचारी से मरीजों को इंजेक्शन लगवाया जा रहा था, तो अस्पताल की निगरानी व्यवस्था कहां थी?
मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इंजेक्शन जैसी चिकित्सकीय प्रक्रिया में लापरवाही मरीजों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। ऐसे में वायरल वीडियो ने सरकारी अस्पतालों में स्टाफ की उपलब्धता, निगरानी और जिम्मेदारी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही पूरी घटना की वास्तविक स्थिति क्या थी और मरीजों को इंजेक्शन लगाने की अनुमति किस स्तर पर दी गई थी।