फूड पॉइजनिंग खरगोन में

खरगोन में रबड़ी खाने से 25 लोगों की तबीयत बिगड़ी, फूड पॉइजनिंग की आशंका

मध्यप्रदेश के खरगोन में रबड़ी खाने से 20 से 25 लोग बीमार पड़े। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस जांच में जुटे।

By : दिव्या मिस्त्री
खरगोन में रबड़ी खाने से 25 लोगों की तबीयत बिगड़ी, फूड पॉइजनिंग की आशंका

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के टांडाबरुड़ कस्बे में फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है। यहां एक होटल की रबड़ी खाने के बाद करीब 20 से 25 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। एक साथ इतने लोगों के बीमार होने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।

रबड़ी खाने के कुछ देर बाद शुरू हुई उल्टियां

जानकारी के मुताबिक, टांडाबरुड़ बस स्टैंड स्थित पवन कैलाश श्रीवास की होटल से लोगों ने रबड़ी खरीदी थी। रबड़ी खाने के कुछ ही देर बाद लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।

जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में इलाज

तबीयत बिगड़ने के बाद करीब 15 मरीजों को परिजन खरगोन जिला अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में लेकर पहुंचे। वहीं, कई अन्य मरीजों का उपचार टांडाबरुड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल सभी प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई और टांडाबरुड़ पहुंचकर मरीजों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटाई और प्रभावित लोगों से पूछताछ की। रबड़ी खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस ने होटल पहुंचकर शुरू की जांच

बरुड़ पुलिस ने संबंधित होटल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम खाद्य सामग्री के सैंपल लेने की प्रक्रिया में जुटी है। इन सैंपलों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रबड़ी में किसी तरह की मिलावट या खराबी थी या नहीं।

जांच रिपोर्ट से सामने आएगी असली वजह

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही फूड पॉइजनिंग की वास्तविक वजह सामने आएगी। वहीं, प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता मरीजों का इलाज और घटना के कारणों का पता लगाना है।

संबंधित सामग्री

सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026: एक-दूसरे से रूबरू हुए मुख्यमंत्री और युवा, सीएम डॉ. मोहन ने खोला सौगातों का पिटारा

सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026: एक-दूसरे से रूबरू हुए मुख्यमंत्री और युवा, सीएम डॉ. मोहन ने खोला सौगातों का पिटारा

मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए 6 अक्टूबर का दिन बेहद खास रहा। एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं के विचार जानें, तो वहीं, युवा ने प्रदेश के मुखिया की कल्पना से रूबरू हुए।

50 लाख बच्चों ने बुना 'मेरे सपनों का भारत,'CM डॉ. मोहन ने विजेताओं को दिए पुरस्कार

50 लाख बच्चों ने बुना 'मेरे सपनों का भारत,'CM डॉ. मोहन ने विजेताओं को दिए पुरस्कार

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर मध्यप्रदेश में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत छात्रों ने 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

फूड पॉइजनिंग में पेट दर्द ने कर दिया है बेहाल? इन आसान उपायों से मिल सकती है राहत

फूड पॉइजनिंग में पेट दर्द ने कर दिया है बेहाल? इन आसान उपायों से मिल सकती है राहत

फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त शामिल हैं। इसके लिए पर्याप्त तरल पदार्थ और हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है।

महाराष्ट्र में MPSC पर घमासान: CM फडणवीस ने जांच कमेटी की सिफारिश, अध्यक्ष-सदस्य भी दायरे में

महाराष्ट्र में MPSC पर घमासान: CM फडणवीस ने जांच कमेटी की सिफारिश, अध्यक्ष-सदस्य भी दायरे में

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने MPSC की कार्यप्रणाली की जांच के लिए रिटायर्ड हाईकोर्ट जज के नेतृत्व में समिति गठित की। जांच समिति को तीन महीने में रिपोर्ट सौंपनी होगी।

टीकमगढ़ में ग्रामीणों का देसी लक्ष्मण झूला: ड्रम-रस्सियों से बनाया पुल, जान जोखिम में डालकर तालाब पार कर रहे लोग

टीकमगढ़ में ग्रामीणों का देसी लक्ष्मण झूला: ड्रम-रस्सियों से बनाया पुल, जान जोखिम में डालकर तालाब पार कर रहे लोग

टीकमगढ़ के रानीपुरा गांव में ग्रामीणों ने ड्रम और बांस से एक अस्थायी पुल बनाया है। यह पुल उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर