सम्राट चौधरी की भागलपुर यात्राएँ

भागलपुर बना सम्राट चौधरी का फोकस! 40 दिनों में चौथी बार पहुंचे

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास, आस्था, शिक्षा, और बाढ़ प्रबंधन के मुद्दों पर भागलपुर की यात्राएँ की, जिससे उनके समर्पण और नजरिये का पता चलता है।

By : शिवम् पांडेय
भागलपुर बना सम्राट चौधरी का फोकस! 40 दिनों में चौथी बार पहुंचे

सम्राट चौधरी की भागलपुर यात्राएँ

कभी विकास की सौगात लेकर, कभी बाबा अजगैबीनाथ की भक्ति में डूबकर, कभी जनता के बीच संवाद और शिक्षा की अलख जगाने के लिए और अब उफनती गंगा के बीच बाढ़ का दर्द समझने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार भागलपुर से जुड़ रहे हैं। महज करीब 40 दिनों में चार बार भागलपुर से उनका जुड़ाव जिले के लिए खास संदेश दे रहा है। 23 अगस्त को ऑनलाइन जुड़ने के अगले ही दिन 24 अगस्त को मुख्यमंत्री का खुद भागलपुर पहुंचना इस सिलसिले को और खास बना गया।

बाढ़ के बीच भागलपुर पहुंचे CM

24 अगस्त का मुख्यमंत्री का दौरा पूरी तरह बाढ़ और जनसरोकार पर केंद्रित रहा। गंगा के बढ़ते जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति को देखते हुए सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने राहत-बचाव, तटबंधों की सुरक्षा और बाढ़ प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर दिशा-निर्देश दिए।

एक दिन पहले अजगैबीनाथ धाम से जुड़े

बाढ़ प्रभावित भागलपुर पहुंचने से ठीक एक दिन पहले, 23 अगस्त को मुख्यमंत्री ऑनलाइन माध्यम से अजगैबीनाथ धाम के सावन के आध्यात्मिक आयोजन से जुड़े थे। इससे पहले 28 जुलाई को भी वे अजगैबीनाथ धाम में श्रावणी मेले के अवसर पर मौजूद रहे थे। यानी भागलपुर से उनका जुड़ाव सिर्फ प्रशासनिक दौरे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धार्मिक आयोजनों में भी उनकी सक्रियता देखने को मिली।

15 जुलाई को विकास और शिक्षा पर फोकस

मुख्यमंत्री का इससे पहले 15 जुलाई को भागलपुर के गोराडीह दौरा हुआ था। इस दौरान प्रदेश में 211 कॉलेज खोलने और विभिन्न विकास योजनाओं से जुड़े कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया। यह दौरा शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा। इसके बाद धार्मिक आयोजन और अब बाढ़ के बीच प्रशासनिक समीक्षा—हर बार भागलपुर में मुख्यमंत्री का अलग एजेंडा नजर आया।

40 दिन, 4 जुड़ाव... क्या है संदेश?

मुख्यमंत्री की लगातार भागलपुर सक्रियता को सिर्फ दौरों की संख्या के तौर पर नहीं देखा जा रहा। विकास, आस्था, जनहित और आपदा—चार अलग-अलग मौकों पर मुख्यमंत्री का अलग रूप सामने आया है। गंगा किनारे बसे भागलपुर की सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और आर्थिक अहमियत को देखते हुए मुख्यमंत्री का बार-बार यहां पहुंचना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भागलपुर पर लगातार नजर

खास बात यह है कि करीब 40 दिनों के भीतर चार बार भागलपुर से जुड़ाव ने जिलेवासियों का भी ध्यान खींचा है। अलग-अलग परिस्थितियों में मुख्यमंत्री की मौजूदगी को सरकार की भागलपुर के प्रति सक्रियता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विकास से आस्था, शिक्षा से लेकर बाढ़ तक—भागलपुर के साथ सम्राट चौधरी का यह लगातार जुड़ाव अब चर्चा का विषय बन गया है।

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