राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की समय सीमा अब बेहद करीब है। नामांकन के लिए सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। इसे लेकर दोनों दलों में बैठकों और मंथन का दौर जारी है। भाजपा में अलग-अलग संभागों के लिए प्रत्याशियों के चयन को लेकर शुक्रवार को जयपुर स्थित पार्टी कार्यालय में एक बार फिर अहम बैठक हुई।
बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजेय कुमार समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। संभाग प्रभारी, सह प्रभारी और जिला प्रभारियों के साथ नगर निकाय चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की जा रही है।
भरतपुर और कोटा संभाग पर आज मंथन
शुक्रवार की बैठक में भरतपुर और कोटा संभाग के नगर निकायों में उम्मीदवारों के चयन पर विशेष चर्चा होनी है। इसके अलावा बीकानेर संभाग की कुछ शेष सीटों को लेकर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।
बीकानेर नगर निगम की सीटों पर बेहतर तालमेल और मजबूत प्रत्याशियों के चयन को लेकर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी भाजपा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ उम्मीदवारों के नामों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा की।
अजमेर-उदयपुर को लेकर चर्चा लगभग पूरी
भाजपा के प्रदेश महामंत्री और अजमेर संभाग के प्रभारी कैलाश मेघवाल ने बताया कि अजमेर और उदयपुर संभाग के नगर निकायों में प्रत्याशी चयन को लेकर विचार-विमर्श लगभग पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि अजमेर संभाग में नवगठित ब्यावर जिले से जुड़े राजनीतिक समीकरणों पर अभी थोड़ी और चर्चा बाकी है। पार्टी हर नगर निकाय की प्रत्येक सीट को गंभीरता से ले रही है और सभी निकायों में जीत हासिल करने के लक्ष्य के साथ उम्मीदवारों का चयन कर रही है।

कैलाश मेघवाल के मुताबिक, यही वजह है कि हर संभावित नाम पर बारीकी से विचार किया जा रहा है और अंतिम निर्णय लेने में समय लग रहा है।
हर सीट के लिए 3 नामों का पैनल
भाजपा ने प्रत्याशी चयन के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया अपनाई है। संभाग प्रभारियों से प्रत्येक वार्ड और सीट के लिए तीन-तीन संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार कराकर मंगवाया गया है।
इसके बाद स्थानीय विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी की जा रही है। इस दौरान सामने आने वाले नए राजनीतिक समीकरणों और स्थानीय स्तर की जानकारी के आधार पर पैनल में शामिल नामों पर दोबारा विचार किया जा रहा है। इसके बाद मजबूत उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
कैलाश मेघवाल ने संकेत दिए हैं कि अजमेर और उदयपुर संभाग के उम्मीदवारों की सूची शुक्रवार देर रात तक जारी हो सकती है। हालांकि, भाजपा के कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि अंतिम सूची जारी होने में अभी और समय लग सकता है।
नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ अब भाजपा और कांग्रेस, दोनों पर जल्द उम्मीदवारों के नाम घोषित करने का दबाव बढ़ गया है।