भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने युवाओं और अभिभावकों को सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे फर्जी रेलवे भर्ती विज्ञापनों को लेकर सतर्क किया है। रेलवे प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर भ्रामक और फर्जी विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं। इन विज्ञापनों के जरिए बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर आर्थिक ठगी करने की कोशिश की जा रही है।
माध्यम से चयन की कोई व्यवस्था नहीं
भोपाल मंडल रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय रेलवे में सभी प्रकार की भर्तियां पूरी तरह निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जाती हैं। रेलवे में भर्ती केवल रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और रेलवे भर्ती सेल (RRC) के माध्यम से ही होती है। रेलवे की ओर से किसी भी पद पर सीधे नियुक्ति, बिना परीक्षा भर्ती या किसी निजी एजेंसी के माध्यम से चयन की कोई व्यवस्था नहीं है।
युवाओं को आकर्षित करने का प्रयास किया
रेल प्रशासन ने बताया कि सोशल मीडिया पर चल रहे कई विज्ञापनों में “बिना परीक्षा भर्ती”, “डायरेक्ट जॉइनिंग”, “तुरंत सरकारी नौकरी” और “सीमित योग्यता में पक्की नौकरी” जैसे दावे किए जा रहे हैं। ऐसे सभी दावे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक हैं। ठगों द्वारा रेलवे का नाम, लोगो और रेलवे स्टेशनों से जुड़े विवरणों का गलत इस्तेमाल कर युवाओं को आकर्षित करने का प्रयास किया जाता है।
रेलवे ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी भर्ती संबंधी जानकारी की पुष्टि केवल आधिकारिक माध्यमों से ही करें। नौकरी दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति, एजेंसी या संस्था को पैसे न दें, क्योंकि रेलवे में भर्ती के लिए किसी भी तरह की निजी लेनदेन व्यवस्था नहीं है।
यदि किसी व्यक्ति को ऐसा कोई संदिग्ध विज्ञापन मिलता है या कोई रेलवे में नौकरी लगवाने का दावा करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत स्थानीय पुलिस, साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या संबंधित अधिकारियों से की जा सकती है। साथ ही ऐसे फर्जी विज्ञापनों की जानकारी संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी रिपोर्ट करने की अपील की गई है।
रेलवे प्रशासन ने दोहराया है कि भर्ती से जुड़ी सही और अपडेट जानकारी केवल भारतीय रेलवे, RRB और RRC की आधिकारिक वेबसाइटों पर ही उपलब्ध होती है। युवाओं से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी फर्जी प्रचार के झांसे में न आएं।