उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को पंजाब के होशियारपुर जिले में तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनका कार्यक्रम ग्रामीण-मुकेरियां इलाके में रखा गया है। धामी की पहली सभा गढ़दीवाला में होगी। इसके बाद दोपहर में दसूआ के सामने कैंब्रिज स्कूल क्षेत्र और शाम को नंगल बिहाल में जनसभा प्रस्तावित है। कार्यक्रम पूरा करने के बाद वे शाम करीब 6 बजे देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय लौटेंगे। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं। चुनाव को देखते हुए भाजपा ने राज्य में संगठन को मजबूत करने और जनसंपर्क बढ़ाने की गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी अभियान के बीच धामी का पंजाब दौरा पार्टी की चुनावी तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है।
दूसरे राज्यों में भी प्रचार कर चुके हैं धामी
पुष्कर सिंह धामी पिछले कुछ चुनावों में उत्तराखंड के बाहर भी भाजपा के प्रचार अभियान में नजर आए हैं। 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में उनका नाम पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल था। चुनाव में भाजपा ने 90 में से 48 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी। इसके बाद 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी धामी ने भाजपा के लिए प्रचार किया। उन्होंने पार्टी की परिवर्तन यात्रा में हिस्सा लिया और उत्तर 24 परगना समेत कई क्षेत्रों में चुनावी कार्यक्रमों में शामिल हुए। अब पंजाब में उनकी तीन जनसभाएं इसी क्रम का हिस्सा हैं।
होशियारपुर के ग्रामीण इलाके पर फोकस
धामी की तीनों सभाएं होशियारपुर जिले के ग्रामीण-मुकेरियां क्षेत्र में रखी गई हैं। यह इलाका दोआबा क्षेत्र में आता है। यहां ग्रामीण मतदाताओं के साथ अलग-अलग सामाजिक समूहों का भी राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक संगठन को मजबूत करने की तैयारी शुरू की है। पार्टी ने सितंबर में नशामुक्ति यात्राएं भी शुरू की हैं। इनमें से एक यात्रा का रूट फतेहगढ़ साहिब से गढ़शंकर, चब्बेवाल, होशियारपुर, शाम चौरासी, दसूआ, मुकेरियां और उर्मर होते हुए जालंधर तक रखा गया है। धामी का दौरा इसी अभियान के बीच हो रहा है।
उत्तराखंड के फैसलों का भी जिक्र
दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार के दौरान धामी उत्तराखंड सरकार के फैसलों और योजनाओं को भी भाजपा के व्यापक राजनीतिक संदेश से जोड़ते रहे हैं। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी UCC को 27 जनवरी 2025 से लागू किया गया था। इसके अलावा राज्य में भूमि कानून में बदलाव समेत कई फैसले भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किए गए हैंपश्चिम बंगाल के चुनावी कार्यक्रमों में धामी ने शासन, कानून-व्यवस्था और विकास से जुड़े मुद्दों पर भाजपा का पक्ष रखा था। पंजाब में उनके भाषणों में स्थानीय मुद्दों के साथ उत्तराखंड सरकार के कामकाज का कितना उल्लेख होता है, इस पर भी नजर रहेगी।
पंजाब में संगठन विस्तार पर जोर
भाजपा पंजाब में इस बार संगठन के विस्तार पर जोर दे रही है। पार्टी की ओर से सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी की बात सार्वजनिक तौर पर कही गई है। इसके साथ ही नशामुक्ति अभियान को भी पार्टी राज्यव्यापी स्तर पर आगे बढ़ा रही है। सितंबर में शुरू की गई नशामुक्ति यात्राओं के जरिए भाजपा गांवों और शहरों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में धामी की सभाओं को स्थानीय संगठन के अभियान में एक बड़े राष्ट्रीय चेहरे की भागीदारी के तौर पर देखा जा रहा है।
धामी की बढ़ी चुनावी सक्रियता
पुष्कर सिंह धामी 2022 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दोबारा चुने गए थे। इसके बाद भाजपा ने उन्हें उत्तराखंड के अलावा दूसरे राज्यों के चुनावी अभियानों में भी प्रचार की जिम्मेदारी दी। 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी धामी भाजपा की स्टार प्रचारक सूची में शामिल थे। हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और अब पंजाब में उनकी चुनावी सक्रियता को देखें तो पार्टी के अलग-अलग राज्यों के अभियानों में उनकी भूमिका लगातार दिखाई दे रही है।
2027 के चुनाव पर नजर
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। उससे पहले भाजपा ने संगठन विस्तार, जनसंपर्क और नशामुक्ति अभियान के जरिए राज्य में अपनी गतिविधियां बढ़ाई हैं। धामी की तीन जनसभाएं भी इसी दौर में हो रही हैं। अब देखना होगा कि होशियारपुर की सभाओं में भाजपा किन स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देती है और धामी अपने भाषणों में पंजाब के मुद्दों के साथ उत्तराखंड सरकार के अनुभवों को किस तरह सामने रखते हैं।