भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रिकवरी एजेंट को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ बुधवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रवनीत सिंह के रूप में हुई है, जो सेवियर रिकवरी एजेंसी से जुड़ा हुआ है।
यह कार्रवाई कबीर नगर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई। विजिलेंस की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

खुद को तहसील कर्मचारी बताकर मांगी थी 60 हजार रुपये की रिश्वत
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो को बताया कि वह वर्ष 2007 से जीएनडब्ल्यू नाम से कपड़ा फैक्टरी संचालित कर रहा है। फैक्टरी के संचालन के लिए उसने आईडीबीआई बैंक से 40 लाख रुपये का ऋण लिया था। वर्तमान में इस ऋण से संबंधित मामला चंडीगढ़ स्थित ऋण वसूली न्यायाधिकरण में विचाराधीन है।
शिकायत के अनुसार, 25 मई 2026 को रवनीत सिंह ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर स्वयं को तहसील पूर्वी का कर्मचारी बताया। उसने दावा किया कि आईडीबीआई बैंक 28 मई 2026 को शिकायतकर्ता की संपत्ति पर कब्जा करने वाला है। इसके बाद उसने कब्जे की कार्रवाई टालने और ऋण के निपटारे के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिलाने के नाम पर 60 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
पहले ले चुका था 20 हजार रुपये, दूसरी किस्त लेते ही बिछ गया विजिलेंस का जाल
अधिकारियों के अनुसार, आरोप है कि रवनीत सिंह रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये पहले ही ले चुका था। इसके बाद वह दूसरी किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता ने आरोपी की बातचीत रिकॉर्ड कर ली और पूरे मामले की जानकारी विजिलेंस ब्यूरो को दी।
प्रतीकात्मक तस्वीर
शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में खुला बड़ा राज, तहसील कर्मचारी नहीं निकला आरोपी
प्रारंभिक जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रवनीत सिंह तहसील पूर्वी का कर्मचारी नहीं है। वह सेवियर रिकवरी एजेंसी में रिकवरी एजेंट के रूप में कार्यरत है और कथित तौर पर सरकारी कर्मचारी बनकर शिकायतकर्ता से रिश्वत वसूलने की कोशिश कर रहा था।
विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो, लुधियाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस प्रकरण में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क शामिल था या नहीं।