पंजाब में कथित मेडिकल परीक्षा पेपर लीक विवाद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब और पंजाबियों की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में राज्य में एक भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है और झूठे आरोपों के जरिए युवाओं के भविष्य को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
पंजाब सीएम भगवंत मान
'पंजाबियों को बदनाम करना बंद करे BJP'
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भाजपा को पंजाबियों को बदनाम करने के बजाय राजनीतिक मुद्दों पर मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक के नाम पर झूठा नैरेटिव गढ़कर भाजपा राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।
मान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा इसी तरह पंजाब और उसके मेहनतकश युवाओं को निशाना बनाती रही, तो आगामी विधानसभा चुनाव में उसे इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
विपक्षी नेताओं से भी की मुलाकात
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, संसद भवन प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष के कई नेताओं से भी मुलाकात की। इनमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल रहे। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
मेडिकल परीक्षा पेपर लीक को लेकर बढ़ा विवाद
पंजाब में कथित मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को लेकर भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) राज्य सरकार पर लगातार हमलावर हैं। तीनों दलों ने इस मामले में राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उल्लेखनीय है कि पंजाब में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक गर्माता जा रहा है।

हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर पंजाब और यहां के प्रतिभाशाली युवाओं की छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है।
'69 हजार सरकारी नौकरियां पूरी पारदर्शिता से दीं'
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में बिना किसी सिफारिश, भ्रष्टाचार या प्रश्नपत्र लीक के केवल योग्यता के आधार पर 69,000 सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है।

भगवंत मान ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवाद लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत का सिलसिला लगातार जारी रहना चाहिए।