चंडीगढ़।संगरूर के गुलजार सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार से जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने फिलहाल सरकार को औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया, लेकिन मामले की जांच उचित और निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह सुनवाई मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग वाली जनहित याचिका पर हुई।
मंत्री को आरोपी बनाए जाने पर कोर्ट ने उठाया सवाल
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम मामले से जोड़ते हुए जांच पर सवाल उठाए गए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने मौखिक रूप से पूछा कि मंत्री को इस मामले में आरोपी कैसे बनाया जा सकता है। हालांकि, कोर्ट ने इस स्तर पर मंत्री के खिलाफ कोई निष्कर्ष नहीं दिया और इसके बजाय पंजाब सरकार से मामले की वर्तमान जांच और कार्रवाई की स्थिति बताने को कहा है।
गुलजार सिंह की मौत के बाद दर्ज हुई FIR
गुलजार सिंह की मौत के मामले में संगरूर जिले में एफआईआर दर्ज की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, केस में आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस की जांच में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी हाईकोर्ट के सामने स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से रखी जानी है।
CBI जांच की मांग लेकर पहुंची जनहित याचिका
मामले में दायर जनहित याचिका में जांच पंजाब पुलिस से हटाकर केंद्रीय जांच ब्यूरो या राज्य से बाहर की किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि मामले की संवेदनशीलता और इसमें राजनीतिक व्यक्ति का नाम सामने आने के कारण जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हाईकोर्ट ने फिलहाल सीबीआई जांच का आदेश नहीं दिया है और पहले मौजूदा जांच की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है।
वीडियो में मंत्री का नाम लेने का दावा
याचिकाकर्ता के अनुसार, गुलजार सिंह ने अपनी मौत से पहले कथित तौर पर एक वीडियो बनाया था। इसमें नशे की उपलब्धता और इलाके में सिंथेटिक ड्रग्स से जुड़े मुद्दों का जिक्र किए जाने का दावा किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि कथित वीडियो में हरपाल सिंह चीमा समेत कुछ स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधियों का नाम लिया गया था। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अदालत के आदेश से नहीं हुई है, इसलिए इन्हें आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।
हाईकोर्ट ने जांच की स्थिति रिपोर्ट मांगी
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से अब तक की जांच, पुलिस की कार्रवाई और मामले की प्रगति से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। अदालत ने जांच उचित तरीके से किए जाने पर जोर दिया। अगली कार्रवाई में स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की प्रगति और याचिकाकर्ता की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग पर आगे विचार हो सकता है।