पंजाब सरकार ने नशा मुक्ति और रिहैबिलिटेशन केंद्रों में HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की जांच शुरू करने का फैसला लिया है। इसे Triple H Screening के नाम से नशा मुक्ति सेवाओं के साथ जोड़ा जाएगा। यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत मान की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम का हिस्सा है।
नशा मुक्ति केंद्रों पर ही होगी जांच
नई व्यवस्था के तहत जांच को केवल समय-समय पर लगाए जाने वाले स्वास्थ्य शिविरों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे सीधे नशा मुक्ति और रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। इससे इलाज के दौरान लोगों को नियमित जांच और जरूरत पड़ने पर आगे की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इंजेक्शन से नशा करने वालों में संक्रमण का जोखिम
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इंजेक्शन के जरिए नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में रक्त के जरिए फैलने वाले संक्रमणों का जोखिम अधिक रहता है। ऐसे में समय पर HIV और Hepatitis की पहचान करना इलाज और परामर्श के लिए महत्वपूर्ण है।
पहले लगाए जाते थे समय-समय पर कैंप
सरकार के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों से HIV और Hepatitis की जांच के लिए लगभग दो महीने के अंतराल पर शिविर लगाए जाते रहे हैं। हालांकि, नई व्यवस्था में जांच को नियमित नशा मुक्ति सेवाओं का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे जांच से छूट जाने वाले लोगों और आगे इलाज की जरूरत वाले मरीजों की पहचान बेहतर तरीके से हो सकेगी।
इलाज के साथ काउंसलिंग और फॉलोअप पर जोर
सरकार का कहना है कि नशे की लत से उबरने की प्रक्रिया केवल नशे का सेवन बंद करने तक सीमित नहीं है। इसके साथ चिकित्सकीय देखभाल, काउंसलिंग, मनोवैज्ञानिक सहयोग और रिहैबिलिटेशन भी जरूरी हैं। Triple H Screening को इसी पूरी प्रक्रिया से जोड़ने का उद्देश्य मरीजों को जांच से लेकर जरूरी उपचार और फॉलोअप तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
आम आदमी क्लीनिकों में भी जांच उपलब्ध
राज्य सरकार के मुताबिक, पंजाब के आम आदमी क्लीनिकों में HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की जांच मुफ्त उपलब्ध है। नई व्यवस्था के तहत सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में भी इन संक्रमणों की नियमित स्क्रीनिंग शुरू की जाएगी।