पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के जल संसाधनों को लेकर शुक्रवार को दो टूक रुख अपनाते हुए कहा कि पंजाब के पास किसी दूसरे राज्य के साथ बांटने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के पानी की एक बूंद भी दूसरे राज्य को देने का सवाल नहीं उठता और जल संसाधनों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री शुक्रवार, 18 सितंबर को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में आयोजित दो दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन करने पहुंचे थे। कार्यक्रम में उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ कृषि को आधुनिक बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इसी दौरान उन्होंने पंजाब के पानी से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर भी अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया।
‘एक बूंद भी बांटने का सवाल नहीं’
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के पास किसी दूसरे राज्य के साथ साझा करने के लिए कोई फालतू पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने अपने निजी लाभ के लिए राज्य के हिस्से का नदी का पानी दूसरे राज्यों को सौंपकर पंजाब के हितों को नुकसान पहुंचाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे समझौतों को दोबारा नहीं होने देगी। उनके मुताबिक, हर साल 21 मई से अगले साल 21 मई तक पानी का पूरा हिसाब रखा जाता है और इसी आधार पर पानी की उपलब्धता तथा उसके इस्तेमाल का निर्धारण किया जाता है।
मान ने कहा कि पंजाब के पानी को लेकर किसी तरह की मनमानी नहीं चलेगी। नियमों के मुताबिक जितना पानी उपलब्ध होगा, उसी के आधार पर उसका बंटवारा किया जाएगा। उन्होंने राज्य के बहुमूल्य जल संसाधनों की सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया।
SYL नहर को लेकर पुराना विवाद
पंजाब और हरियाणा के बीच सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर का मुद्दा दशकों पुराना है। हरियाणा का कहना है कि उसे नहर के माध्यम से उसके हिस्से का पानी मिलना चाहिए, जबकि पंजाब अतिरिक्त पानी दूसरे राज्य को देने के पक्ष में नहीं है। किसान मेले के दौरान भगवंत मान ने इसी रुख को दोहराया।
पानी और खेती को लेकर सरकार के दावे
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नहर के पानी के इस्तेमाल को बढ़ाकर 88 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में करीब 14,000 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई गई है, जिससे जमीन के नीचे पानी का स्तर पांच मीटर तक बढ़ा है।

किसानों की सुविधा का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि अब खेतों में दिन के समय बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने किसानों की मेहनत का उल्लेख करते हुए इस सीजन में धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद भी जताई।