NHM कर्मचारियों का आक्रोश-बर्खास्तगी के बाद प्रदेशभर में आंदोलन और सामूहिक इस्तीफा

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NHM कर्मचारियों का आक्रोश-बर्खास्तगी के बाद प्रदेशभर में आंदोलन और सामूहिक इस्तीफा

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NHM employees protest Madhya Pradesh : छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों में बर्खास्तगी के बाद गहरा आक्रोश फैल गया है। 18 अगस्त से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच प्रशासन ने 25 विवादित कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया, जिससे समर्थन में लगभग 16,000 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला किया है। यह इस्तीफा पूरे प्रदेश के 33 जिलों में सीएमएचओ कार्यालयों को सौंपा गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

बर्खास्तगी के बाद उठे विरोध-प्रदर्शन

बर्खास्त कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को सरकार नजरअंदाज कर रही है और बातचीत के बजाय दबाव बढ़ा रही है। संविदा कर्मचारियों ने लंबे समय से नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को सरकार के समक्ष रखा है, जिनमें से केवल कुछ मांगें पूरी हुई हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि 160 से अधिक बार ज्ञापन देने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई। इस पूरे विवाद की स्थिति ने स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है।

इस्तीफा देने वाले जिले और परिस्थिति

रायपुर में लगभग 1,400 NHM कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपा है। बिलासपुर, कांकेर, बालोद जैसे जिले भी इस आंदोलन में शामिल हैं, जहां कई सौ कर्मचारी सामूहिक इस्तीफा देने के बाद आंदोलित हैं।

इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।कर्मचारी पीएम, सीएम और स्वास्थ्य मंत्री के मुखौटे लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

सरकार का रुख और राहत का प्रयास

सरकार ने अब तक 25 संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है, लेकिन शेष कर्मचारियों को काम पर लौटाने की अपील भी जारी रखी है। साथ ही, सरकार ने कुछ मांगें पूरी करने का भरोसा भी दिया है, परन्तु कर्मचारियों का कहना है कि उनकी पूरी सूची को स्वीकार न किए जाने पर आंदोलन जारी रहेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव

अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेश भर के ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं बाधित हुई हैं। मरीजों को आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

आगे का रास्ता

NHM संघ आंदोलन को जारी रखने और अपनी मांगों को पूरी करने के लिए सरकार से सख्त रुख अपनाने की चेतावनी दे रहा है।

कर्मचारियों का मानना है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान तभी होगा जब नियमितीकरण सहित सभी मांगें पूरी होंगी। सरकार और कर्मचारियों के बीच तकनीकी और राजनीति की बातचीत जारी है, जिसके परिणाम प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होंगे।

यह आंदोलन स्वास्थ्य क्षेत्र में संविदा कर्मियों की स्थिति और उनके हक की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसे नजरअंदाज किया जाना स्वास्थ्य सेवाओं की गिरावट और आम जनता की मुश्किलों को बढ़ा सकता है।

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