नर्मदापुरम नगर पालिका में करोड़ों रुपये के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। नगर पालिका के दो कर्मचारियों पर करीब 7 करोड़ 78 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता और सरकारी राजस्व में हेराफेरी का गंभीर आरोप लगा है। मामले की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने देर रात दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कंप्यूटर ऑपरेटर भुवन मेहता को नामजद आरोपी
पुलिस ने इस मामले में नगर पालिका के सहायक राजस्व निरीक्षक (ARI) हरीश गोस्वामी और कंप्यूटर ऑपरेटर भुवन मेहता को नामजद आरोपी बनाया है। आरोप है कि दोनों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए टैक्स वसूली से जुड़े रिकॉर्ड में बड़े स्तर पर हेरफेर किया और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया।
पहले ही कथित रूप से हड़प ली
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने टैक्स रसीदों और नगर पालिका के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित तौर पर कूटरचना कर जनता से वसूले गए टैक्स की राशि को सरकारी खाते में जमा करने के बजाय गबन कर लिया। इस तरह करोड़ों रुपये की राशि सरकारी खजाने तक पहुंचने से पहले ही कथित रूप से हड़प ली गई।
ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच कर रही
इस पूरे मामले का खुलासा नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाने में लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की। पुलिस अब दस्तावेजों, टैक्स रजिस्टर और ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
आम नागरिकों के बीच गंभीर सवाल खड़े कर दिए
जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऑडिट और जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। नगर पालिका में सामने आए इस कथित महाघोटाले ने स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों के बीच गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।