मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों के लिए आयोजित स्कूटी वितरण कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के हर संभव अवसर उपलब्ध करा रही है। शासकीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को लगभग 1 लाख रुपए तक कीमत वाली स्कूटी प्रदान की जा रही है। इस योजना से आज प्रदेश के 7400 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला।
स्कूटी से कॉलेज आने-जाने में मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूटी मिलने से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी। जब कोई बच्चा अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर घर में स्कूटी लेकर आता है, तो इससे माता-पिता, गांव और पूरे समाज का गौरव बढ़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्कूटी चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की।
किताब, ड्रेस और साइकिल भी दे रही सरकार
CM डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूली बच्चों को नि:शुल्क किताबें, ड्रेस और साइकिल भी उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश के कई स्कूलों में बच्चों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, लेकिन आज विद्यार्थी अपने भविष्य और करियर को लेकर बड़े सपने देख रहे हैं।
खेती से लेकर एग्रीकल्चर स्टार्टअप तक बढ़ रहे युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विद्यार्थी पुश्तैनी व्यवसाय और खेती-किसानी को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं। युवा एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। नई तकनीक और नवाचार से खेती को अधिक लाभकारी बनाने की सोच तेजी से आगे बढ़ रही है।
स्कूल शिक्षा का बजट 2600 करोड़ से बढ़कर 38 हजार करोड़
CM डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2002-03 तक स्कूल शिक्षा विभाग का बजट करीब 2600 करोड़ रुपए था, जबकि वर्तमान में स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
ड्रॉपआउट दर 16 प्रतिशत से हुई शून्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002-03 में प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉपआउट दर 16 प्रतिशत थी, जो अब शून्य हो चुकी है। प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं। इन विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
मेरिट में सरकारी स्कूलों की बढ़ी भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में करीब 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं। उन्होंने नि:शुल्क स्कूटी वितरण को मेधावी विद्यार्थियों और कठिन परिस्थितियों के बीच मेहनत कर आगे बढ़े बच्चों का सम्मान बताया।
विद्यार्थियों से बोले- भविष्य आपके हाथों में
CM डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य उनके हाथों में है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और आने वाले समय में युवा अपनी शिक्षा, प्रतिभा और नवाचार के दम पर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
11 विद्यार्थियों को सौंपी स्कूटी की चाबी
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 11 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी सौंपी और उनसे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों के बारे में भी जानकारी ली। एमपी टॉपर खुशी राय ने बताया कि स्कूटी से उन्हें कॉलेज आने-जाने में मदद मिलेगी और वे सीए की तैयारी कर रही हैं।
कोई सीए बनना चाहता है तो कोई न्यूरोसर्जन
किसान परिवार से आने वाले आकाश साहू ने एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करने की इच्छा जताई। रवि केवट और मरियम खान ने सीए बनने की बात कही। मिनी जैन ने नीट पास कर न्यूरोसर्जन बनने का सपना बताया, जबकि रानी सांपले वकील और खुशी यादव एमबीबीएस करना चाहती हैं। शिव कुमार कौल ने विकसित भारत के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने की इच्छा जताई।