मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को शहडोल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को उज्जैन से एनआईसी के माध्यम से वर्चुअली संबोधित किया। किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि और किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ एक-एक खेत तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही।
धान की MSP पर होगी खरीदी
मुख्यमंत्री ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि सरकार इस बार किसानों से धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर करेगी। उन्होंने कहा कि इस साल पहली बार शहडोल के किसानों से श्री अन्न कोदो और कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई है। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।
खेती के साथ पशुपालन पर जोर
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कृषि के साथ पशुपालन, बकरी पालन, कुक्कुट पालन और मछली पालन को भी बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएंगे और आधुनिक खेती के साथ जैविक एवं प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने पर जोर रहेगा।
हल्दी की खेती और प्रोसेसिंग को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने शहडोल क्षेत्र की कृषि क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि यहां हल्दी का उत्पादन बड़े स्तर पर होता है और क्षेत्र की हल्दी को जियो टैग भी मिला है। सरकार मसाला फसलों की खेती को बढ़ावा देने के साथ हल्दी की प्रोसेसिंग और बाजार उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। इससे किसानों को अपनी उपज से अतिरिक्त आय हासिल करने के अवसर मिलेंगे।
उद्यानिकी और जैविक खेती पर फोकस
वर्चुअल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जैविक खेती करने वाले किसानों से संवाद किया। उन्होंने शहडोल क्षेत्र के राजाबाग अमरूद, मूंगा, कोदो और कुटकी की पहचान का उल्लेख करते हुए किसानों को उद्यानिकी फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने दुर्लभ वनस्पतियों के संग्रहण, प्रसंस्करण और बाजार की व्यवस्था विकसित करने की बात भी कही।
किसानों को ऋण चुकाने में राहत
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था में बदलाव की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को बिना ब्याज वाले ऋण की राशि साल में दो बार जमा करनी होती थी। अब सरकार ने इसे साल में एक बार करने का निर्णय लिया है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार साल में कभी भी ऋण की राशि जमा कर सकेंगे।
होम स्टे से बढ़ेगी अतिरिक्त आय
मुख्यमंत्री ने शहडोल क्षेत्र में होम स्टे विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग के माध्यम से होम स्टे का संचालन कराया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, खेती के नए तौर-तरीकों और विभिन्न योजनाओं से जुड़ी जानकारी दी गई। किसानों को कृषि के साथ अन्य गतिविधियों से आय के विविध स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।