मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 हजार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। कर्मचारी चयन मंडल की शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में चयनित अभ्यर्थियों के लिए दस्तावेज अपलोड और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। विभाग का लक्ष्य जुलाई के अंतिम सप्ताह तक स्कूलों का आवंटन कर नए शिक्षकों को मौजूदा शैक्षणिक सत्र में ही कार्यभार ग्रहण कराना है।
अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर माना जाएगा
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार चयनित अभ्यर्थियों को 18 से 20 जुलाई के बीच MP Online पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल बनाकर सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। दस्तावेज अपलोड करने के लिए केवल तीन दिनों का समय दिया गया है, जिसमें शनिवार और रविवार भी शामिल हैं। कम समय मिलने के कारण कई अभ्यर्थियों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि समय सीमा कुछ और बढ़ा दी जाती तो दस्तावेज तैयार करने और अपलोड करने में सुविधा होती। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के भीतर दस्तावेज अपलोड नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर माना जाएगा।
उन्हें स्कूलों का आवंटन किया जाएगा
ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने के बाद अभ्यर्थियों को पोर्टल शुल्क जमा करना होगा। इसके पश्चात 19 से 21 जुलाई के बीच संबंधित जिलों में आयोजित सत्यापन शिविरों में उपस्थित होकर अपने मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थी अपने द्वारा चुने गए सत्यापन केंद्र पर निर्धारित तिथि और समय के अनुसार पहुंचेंगे। दस्तावेजों का सफल सत्यापन होने के बाद ही उन्हें स्कूलों का आवंटन किया जाएगा।
नियुक्ति प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके
शिक्षा विभाग का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है, ताकि सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चल रही शिक्षकों की कमी दूर की जा सके। विभाग का मानना है कि नए शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई का लाभ मिलेगा और प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अधिकारियों ने चयनित अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर अपलोड करें और सत्यापन प्रक्रिया में निर्धारित तिथि पर अवश्य शामिल हों, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।