मध्य प्रदेश में UCC विधेयक पारित

MP UCC Bill: 2008 के बाद की शादियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, नहीं कराया तो 25 हजार तक जुर्माना

मध्य प्रदेश ने UCC विधेयक पारित कर दिया है, जिसमें विवाह पंजीकरण, निवास, और कानूनी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं।

MP UCC Bill: 2008 के बाद की शादियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, नहीं कराया तो 25 हजार तक जुर्माना

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित हो गया है। इसके साथ ही उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद मध्य प्रदेश यूसीसी बिल पास करने वाला चौथा भाजपा शासित राज्य बन गया है। अब विधेयक को राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद यह कानून पूरे प्रदेश में लागू होगा।

निवासियों के लिए भी नए नियम तय किए

यूसीसी के तहत बहुविवाह, ट्रिपल तलाक, हलाला और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधानों के साथ विवाह, नौकरी, संपत्ति और राज्य से बाहर रहने वाले स्थायी निवासियों के लिए भी नए नियम तय किए गए हैं।

सबसे बड़ा बदलाव विवाह पंजीकरण को लेकर किया गया है। 23 सितंबर 2008 के बाद से यूसीसी लागू होने तक हुई सभी ऐसी शादियां, जिनका अब तक पंजीयन नहीं हुआ है, उन्हें कानून लागू होने के एक वर्ष के भीतर अनिवार्य रूप से रजिस्टर कराना होगा। यदि तय समय में पंजीयन नहीं कराया गया तो रजिस्ट्रार नोटिस जारी करेगा और इसके बाद भी पंजीयन नहीं होने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, केवल रजिस्ट्रेशन नहीं होने से विवाह अवैध नहीं माना जाएगा। 23 सितंबर 2008 से पहले हुई शादियों का पंजीयन स्वैच्छिक रहेगा।

हलफनामा या अन्य दस्तावेज मान्य नहीं होंगे

नौकरी से जुड़े मामलों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। सरकारी और निजी संस्थानों में कर्मचारियों की वैवाहिक स्थिति या पति-पत्नी का नाम सेवा रिकॉर्ड में तभी जोड़ा जाएगा, जब यूसीसी के तहत जारी विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। अब केवल शादी का कार्ड, हलफनामा या अन्य दस्तावेज मान्य नहीं होंगे।

व्यवसाय के कारण राज्य से बाहर रह रहे

संपत्ति विवाद की स्थिति में अदालत जरूरत पड़ने पर 'रक्षक' नियुक्त कर सकेगी, जो न्यायालय की निगरानी में संपत्ति का संरक्षण करेगा। वहीं यह कानून मध्य प्रदेश के उन स्थायी निवासियों पर भी लागू होगा, जो नौकरी, पढ़ाई या व्यवसाय के कारण राज्य से बाहर रह रहे हैं।

कानूनी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे

राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यूसीसी पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएगा और विवाह पंजीकरण सहित कई पारिवारिक एवं कानूनी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।

संबंधित सामग्री

MP Travel Mart से चीता प्रोजेक्ट तक, मप्र CM डॉ मोहन यादव ने गिनाईं मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाएं

MP Travel Mart से चीता प्रोजेक्ट तक, मप्र CM डॉ मोहन यादव ने गिनाईं मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाएं

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने MP Travel Mart के माध्यम से प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने की योजना प्रस्तुत की, जिसमें चीता पुनर्स्थापना सहित विभिन्न पहलें शामिल हैं।

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का नया बसेरा, CM डॉ मोहन यादव ने नर वियोम और मादा नीरा का किया स्वागत

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का नया बसेरा, CM डॉ मोहन यादव ने नर वियोम और मादा नीरा का किया स्वागत

मध्य प्रदेश में रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों के आगमन से चीता पुनर्वास परियोजना को महत्वपूर्ण विस्तार मिला। मुख्यमंत्री ने पर्यटन और रोजगार में वृद्धि की उम्मीद जताई।

सीएम डॉ. मोहन ने नौरादेही सेंचुरी में छोड़े 'वियोम और नीरा,' कहा- चीतों की बसाहट के लिए सबसे बेहतर है मध्यप्रदेश

सीएम डॉ. मोहन ने नौरादेही सेंचुरी में छोड़े 'वियोम और नीरा,' कहा- चीतों की बसाहट के लिए सबसे बेहतर है मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को छोड़ा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह कार्यक्रम आयोजित किया।

भोपाल में रिश्वतखोर पटवारी पर शिकंजा, 8 हजार की रिश्वत लेने के मामले में अभियोजन स्वीकृति

भोपाल में रिश्वतखोर पटवारी पर शिकंजा, 8 हजार की रिश्वत लेने के मामले में अभियोजन स्वीकृति

मध्यप्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का फैसला किया है, भोपाल के पटवारी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई।

GIS 2027 से पहले MP सरकार का निवेश मिशन तेज, मुंबई में उद्योगपतियों से मिलेंगे CM डॉ मोहन यादव

GIS 2027 से पहले MP सरकार का निवेश मिशन तेज, मुंबई में उद्योगपतियों से मिलेंगे CM डॉ मोहन यादव

मध्यप्रदेश सरकार ने जनवरी 2027 में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी तेज कर दी है, निवेशकों के साथ व्यक्तिगत बैठकें और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर