राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 के सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा ने प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी
बैठक में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, साइबर निगरानी, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संबंधित बैंकों का स्वयं निरीक्षण करने के निर्देश दिए
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रश्नपत्रों की प्राप्ति से लेकर सुरक्षित भंडारण, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा समाप्ति के बाद गोपनीय सामग्री की वापसी तक पूरी प्रक्रिया को त्रुटिरहित और सुरक्षित रखा जाए। सभी पुलिस अधीक्षकों को 20 जून तक अपने-अपने जिलों में परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्र भंडारण स्थलों और संबंधित बैंकों का स्वयं निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
"जीरो टॉलरेंस" नीति अपनाने के निर्देश दिए
डीजीपी ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), पर्याप्त सुरक्षा बल और अभ्यर्थियों की व्यवस्थित प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रश्नपत्रों के परिवहन, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की भी समीक्षा की जाए।
साइबर अपराधों पर निगरानी के लिए प्रदेश के 38 साइबर कमांडो सक्रिय रहेंगे। ये कमांडो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गतिविधियों और संभावित पेपर लीक से जुड़े किसी भी संदिग्ध नेटवर्क पर लगातार नजर रखेंगे। डीजीपी ने पेपर लीक, अफवाहों और दुष्प्रचार के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व अंतिम 72 घंटों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा अवधि के दौरान होटल, लॉज, कोचिंग संस्थानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की जांच की जाएगी। जिला स्तरीय समन्वय समितियां लगातार सक्रिय रहेंगी और परीक्षा से पूर्व अंतिम 72 घंटों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
बैठक में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश में 21 जून को 283 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में सर्वाधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता ए. साईं मनोहर, उप पुलिस महानिरीक्षक तरुण नायक, पीएसओ टू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर, एसओ टू डीजीपी मलय जैन, पुलिस अधीक्षक एटीएस प्रणय नागवंशी तथा एआईजी विनीता मालवीय सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ब्यूरो हेड सुमित चावला की रिपोर्ट