भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन कल्याण के लिए 4 अगस्त को कई अहम फैसले लिए। उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट ने सहकारिता विभाग की "कवच योजना" को अनुमोदित किया। यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अब ऐसे किसानों को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा। निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर से 50 करोड़ रुपये की सीमा तक की निधि का निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रुपये की अंश पूंजी की सहायता एक बार उपलब्ध कराएगी।
कैबिनेट ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना योजना संचालन संबंधी योजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से वितीय वर्ष 2030-31 तक क्रियान्वयन के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय-राष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराई जाएगी तथा उपलब्ध अधोसंरचना का उन्नयन किया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों के लिए आवश्यक स्थाई प्रकार के खेल उपकरण स्थापित कराए जाएंगे। प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर स्टेडियम-खेल प्रशिक्षण केन्द्र निर्मित हैं एवं 313 विकास खण्डों में से लगभग 100 स्थानों पर स्टेडियम निर्मित हैं।
जिला-सिविल अस्पताल-औषधालयों के लिए करोड़ों स्वीकृत
कैबिनेट ने प्रदेश के जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। योजना से जिला चिकित्सालय में रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अस्पताल सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। योजना के संचालन का लक्ष्य परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों एवं विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाना भी है। कैबिनेट ने मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण से संबंधित योजना शीत ज्वर के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम अन्तर्गत मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों को नियंत्रित किया जाता है, जिसमें नए कीटनाशक और लार्टीसाइड शामिल हैं।
पीएमअभीम के संचालन के लिए इतनी राशि
कैबिनेट ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 2,448 करोड़ 79 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इस योजना के अंतर्गत जिला अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर क्रिटिकल केयर ब्लॉक और इंटीग्रेटेड सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब का निर्माण किया जाएगा तथा विकासखंड स्तर पर ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य यूनिट की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के अंतर्गत कोविड महामारी जैसी स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके साथ ही बीमारियों की शीघ्र पहचान के लिए जाँच प्रणाली को विकासखंड एवं जिला स्तर पर सुदृढ़ करते हुए नवीन नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर स्वास्थ्य आपदाओं की शीघ्र पहचान कर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम किया जा सकेगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए फंड स्वीकृत
कैबिनेट ने जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने तथा बेहतर स्वास्थ्य निगरानी के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन (प्राथमिक) सम्बन्धी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आंतरिक एवं बाह्य रोगियों का उपचार करना है। आंतरिक रोगियों के लिए निःशुल्क भोजन और दवाईयां उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीन संचालित चिकित्सा संस्थाओं में समस्त रोगों के निदान के लिए विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारी, नर्सिग एवं फार्मासिस्ट का अमला पदस्थ होता है।
इतने करोड़ से होगा स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन-परिचालन-संधारण
कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की स्टेट डाटा सेन्टर का उन्नयन, परिचालन एवं संधारण संबंधी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश में शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण डेटा के सुरक्षित संग्रहण एवं विभिन्न ई-गवर्नेस सेवाओं के संचालन के लिए स्टेट डाटा सेंटर (SDC) का संचालन मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा किया जा रहा है। राज्य की ई-गवर्नेस अधोसंरचना के प्रमुख घटक के रूप में यह विभिन्न विभागों को होस्टिंग सेवाएं, नागरिक सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता तथा डिजास्टर रिकवरी के माध्यम से सेवा निरंतरता सुनिश्चित करता है। म.प्र. स्टेट डाटा सेन्टर (एमपी एस.डी.सी) विभिन्न विभागों की वेबसाईटों, पोर्टों. एम.आइ.एस. ईमेल सेवाओं तथा क्लाउड होस्टिंग के लिए एक साझा, सुरक्षित और लागत प्रभावी प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। इससे विभागों की आईटी लागत में कमी आती है और नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होती है जिससे "डिजिटल इंडिया मिशन को राज्य स्तर पर मजबूती मिलती है। मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए प्रचलित क्रमोन्नत योजना अनुसार चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान 1 जुलाई 2023 अथवा इसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रभावशील किए जाने का अनुमोदन दिया गया।