भोपाल। तकनीकी दृष्टि से 13 जुलाई का दिन पूरे मध्यप्रदेश के लिए खास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होटल ताज लेक फ्रंट में 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0:जीसीसी- डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर' का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत में राज्य जीसीसी, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के विकास पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। सीएम डॉ. यादव ने 20 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण भी किया। इसके अलावा समारोह में इंडिया लीड फॉर गूगल प्ले और एमपीएसईडीसी के बीच महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश करवटें बदल रहा है। वो समय गुजर गया, जिसकी वजह से भारत की संभावनाओं पर तुषारापात होता था। आज बदलते दौर में भारत अपनी क्षमता-योग्यता-बुद्धिमत्ता-प्रतिभाशीलता के बलबूते पर सबकुछ करके दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि हम खराब समय को कब तक कोसते रहेंगे। अब समय समझने और आगे बढ़ने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को 12 वर्ष पूर्ण हो गए हैं। यह समय ज्यादा नहीं होता। इस कार्यकाल में भारत की पहचान सबसे तेज गति से बढ़ने वाले देश के रूप में बनी है।

लगातार आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान भी पहले केवल एग्रीकल्चर, माइनिंग और फॉरेस्ट थी, लेकिन अब डिफेंस से लेकर ड्रोन, साइंस टेक से लेकर रिन्युएबल एनर्जी, इंडस्ट्री कॉरिडोर से लेकर फ्यूचर गोइंग सेक्टर तक एमपी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि ग्रोथ कॉन्क्लेव तीसरे संस्करण तक पहुंच गया है। पिछले दो वर्षों में हमने जो संकल्प लिए, उन्हें पूरा किया। दो संस्करणों में हमें 46 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, 22 नए औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण हुआ और 4 नई परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया। ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट 2025 से लेकर आज तक टेक सेक्टर में 12 हजार करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इससे हमारी काम करने की गति और आत्मविश्वास झलकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की वजह से भी भोपाल पहचाना जाता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण दिया था। इसी तरह हमारे प्रधानमंत्री मोदी भी दुनिया के सामने राष्ट्र भाषा को गौरवांवित करते हैं। हमें वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से आगे बढ़ना है। दुनिया का सबसे युवा देश और सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत है। इसमें अपार संभावनाएं हैं।

भारी निवेश करने जा रहीं कंपनियां
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि जीआईएस में प्रदेश को अभूतपूर्व निवेश मिला। इसमें 10 लाख करोड़ निवेश धरातल पर उतर चुका है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 इसी औद्योगिक निवेश यात्रा का एक पड़ाव है। आज मध्यप्रदेश में जीसीसी, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के विकास के लिए निवेश और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हो रही है। डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में अब तक 12 हजार करोड़ से अधिक निवेश धरातल पर आ चुका है और आगे भी इस पर काम हो रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में अलग-अलग दिग्गज टेक कंपनियां 40 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने जा रही हैं।
सीएम के सहयोग से मजबूत हुआ विश्वास
प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का आयोजन महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में जीसीसी, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के विकास पर चर्चा होगी और पॉलिसी में आवश्यक बदलाव भी करेंगे। सबमर बार्सिलोना के सीईओ पैट्रिक स्मिथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में सबमर ग्रुप का निवेश भारत के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। हमारी कंपनी लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप के लिए संभावनाएं तलाश रही थी और मध्यप्रदेश इसके लिए सबसे बेहतर है। इस महत्वपूर्ण साझेदारी से डेटा सेंटर और एआई टेक्नोलॉजी के विकास पर काम करेंगे। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। एआई न केवल अर्थव्यवस्था के लिए अहम है, बल्कि यह टेक्नोलॉजी सेक्टर में भविष्य का लीडर बनेगा। मध्यप्रदेश सरकार और यहां के मुख्यमंत्री के सहयोग से हमारा विश्वास मजबूत हुआ है।
एमपी में बने प्रोडक्ट दुनियाभर में जाएंगे
सिद्धार्थ रेड्डी ने कहा कि पहली एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में डेटा सेंटर, दूसरी में सेमीकंडक्टर पॉलिसी और तीसरी में जीसीसी, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में डिजिट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। पारस सेमीकंडक्टर के सीईओ संतोष कुमार ने कहा कि सेमीकंडक्टर डिजिटल इकोनॉमी की रीढ़ है। डिजिटल सेक्टर में सेमीकंडक्टर न्यू ऑयल के समान है। पारस सेमीकंडक्टर मध्यप्रदेश में 6000 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। हम यहां केवल निवेश ही नहीं करेंगे, बल्कि एक डिजिटल इंडस्ट्री के निर्माण के लिए इकोसिस्टम विकसित करने में भी सहयोग करेंगे। मध्यप्रदेश में बने सेमीकंडक्टर पूरी दुनिया में सप्लाई होंगे। शिवानंद कोटेश्वर ने कहा कि देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में टेक इंडस्ट्री के विकास के लिए मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। टेक कंपनियों के लिए पर्याप्त मात्रा में कुशल कामगार उपलब्ध हैं।