मध्य प्रदेश में मानसून ने गुरुवार को पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के शेष जिलों में भी मानसून की एंट्री के साथ अब पूरा प्रदेश इसकी चपेट में आ गया है। इस वर्ष मानसून ने 24 जून को प्रदेश में प्रवेश किया था और नौ दिनों में पूरे मध्य प्रदेश में फैल गया। हालांकि, सामान्य तौर पर मानसून 15 जून तक प्रदेश में पहुंच जाता है, इसलिए इस बार इसकी दस्तक करीब नौ दिन देर से हुई।
बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई
मौसम विभाग ने गुरुवार को हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। वहीं अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
सवार परिवार को सुरक्षित निकाल लिया गया
बुधवार को इंदौर में हुई तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। द्वारकापुरी क्षेत्र में तेज बहाव के कारण दो बाइक सवार बह गए, जिनमें एक युवक को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। वहीं एक थार वाहन भी नाले में गिर गया, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से उसमें सवार परिवार को सुरक्षित निकाल लिया गया।
4 जुलाई को खरगोन में रेड अलर्ट जारी किया गया
मौसम विभाग के अनुसार 5 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 3 जुलाई को धार और बड़वानी तथा 4 जुलाई को खरगोन में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
हालांकि अब तक प्रदेश में सामान्य से लगभग 28 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई में बारिश की रफ्तार तेज होगी और मानसून की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। जुलाई को प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा वाला महीना माना जाता है, जिसमें पूरे सीजन की लगभग 40 प्रतिशत बारिश होती है।