ब्रिक्स सम्मेलन से पहले भोपाल में 1500 आवारा कुत्तों की चुनौती, नगर निगम की बढ़ी चिंता

ब्रिक्स सम्मेलन भोपाल में

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले भोपाल में 1500 आवारा कुत्तों की चुनौती, नगर निगम की बढ़ी चिंता

भोपाल में ब्रिक्स सम्मेलन से पहले नगर निगम आवारा कुत्तों के प्रबंधन और शहर की सफाई में जुटा। एबीसी सेंटरों की कमी और भोजन, बजट की चुनौतियां बढ़ीं।


ब्रिक्स सम्मेलन से पहले भोपाल में 1500 आवारा कुत्तों की चुनौती नगर निगम की बढ़ी चिंता

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 5 से 8 अगस्त के बीच तृतीय ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप (सीडब्ल्यूजी) और संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होने जा रही है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कई देशों के प्रतिनिधि और वीवीआईपी मेहमान शामिल होंगे। ऐसे में शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर निगम एयरपोर्ट से लेकर प्रमुख वीवीआईपी रूट्स तक विशेष अभियान चला रहा है।

1500 आवारा कुत्तों को हटाने की चुनौती

सम्मेलन से पहले नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती करीब 1500 आवारा कुत्तों का प्रबंधन है। निगम को इन्हें अस्थायी रूप से पकड़कर सुरक्षित स्थान पर रखना है, लेकिन शहर में इतने कुत्तों को रखने की कोई पर्याप्त व्यवस्था मौजूद नहीं है। इनके भोजन, देखभाल और सुरक्षा का इंतजाम भी प्रशासन के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट के नियमों पर उठे सवाल

पशु चिकित्सकों और पशु प्रेमियों का कहना है कि इस समय कुत्तों का ब्रीडिंग सीजन चल रहा है, जिससे वे अधिक संवेदनशील और आक्रामक होते हैं। ऐसे समय उनकी टेरिटरी बदलना सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के खिलाफ माना जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नई जगह पर पहुंचने से कुत्तों को शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक तनाव झेलना पड़ सकता है, जिससे उनके जीवन पर भी खतरा पैदा हो सकता है।

शेल्टर होम और एबीसी सेंटरों की कमी

भोपाल में आज तक एक भी स्थायी डॉग शेल्टर होम नहीं बन पाया है, जबकि अन्य बड़े शहरों जैसे इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में यह सुविधा उपलब्ध है। फिलहाल शहर के तीन एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटरों की कुल क्षमता 500 से भी कम कुत्तों की है। निजी संस्थाओं ने भी भोजन और देखभाल के लिए पर्याप्त बजट नहीं होने का हवाला देते हुए अतिरिक्त जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है।

भोजन और बजट बना बड़ी चुनौती

नगर निगम के अनुमान के अनुसार प्रत्येक कुत्ते को प्रतिदिन लगभग 350 ग्राम भोजन की आवश्यकता होगी। 1500 कुत्तों के लिए आठ दिनों में करीब 4.2 टन भोजन और छह लाख रुपये से अधिक का खर्च आएगा। इसके अलावा इन्हें रखने के लिए 25 से 30 हजार वर्ग फीट जगह की जरूरत होगी। निगम आयुक्त संस्कृति जैन का कहना है कि ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनुसार वीवीआईपी रूट्स को व्यवस्थित किया जा रहा है और सभी कार्य नियमों के अनुसार किए जाएंगे।

संबंधित सामग्री

भोपाल से हवाई सफर फिर महंगा, दिल्ली-मुंबई समेत कई रूट्स पर किराए में 20% तक बढ़ोतरी

राज्य

भोपाल से हवाई सफर फिर महंगा, दिल्ली-मुंबई समेत कई रूट्स पर किराए में 20% तक बढ़ोतरी

भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से उड़ानों के किराए में 20% की वृद्धि हुई है, जिससे दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों की यात्रा महंगी हो गई है।

Twisha Case Update: गिरिबाला और समर्थ सिंह की जमानत याचिका खारिज

देश-विदेश

Twisha Case Update: गिरिबाला और समर्थ सिंह की जमानत याचिका खारिज

भोपाल के ट्विशा शर्मा मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी गई, कोर्ट ने आरोपों को गंभीर माना।

भोपाल में व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई का किया विरोध, बोले - नया मास्टर प्लान आज तक नहीं हुआ लागू

राज्य

भोपाल में व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई का किया विरोध, बोले - नया मास्टर प्लान आज तक नहीं हुआ लागू

भोपाल में व्यापारियों ने नगर निगम द्वारा जारी नोटिसों के खिलाफ विरोध किया है, जो उन्हें आवासीय परिसरों में व्यवसाय बंद करने का निर्देश देते हैं।

भोपाल मेट्रो अब हर 15 मिनट में, नए सिग्नलिंग सिस्टम की शुरुआत

राज्य

भोपाल मेट्रो अब हर 15 मिनट में, नए सिग्नलिंग सिस्टम की शुरुआत

भोपाल मेट्रो सेवा अब सुभाषनगर से AIIMS के बीच हर 15 मिनट में उपलब्ध होगी, सिग्नलिंग सिस्टम की शुरुआत के साथ।

क्रिमिनल केस वाले TI को भोपाल के VIP थाने की कमान, PHQ के नियमों पर उठे सवाल

राज्य

क्रिमिनल केस वाले TI को भोपाल के VIP थाने की कमान, PHQ के नियमों पर उठे सवाल

भोपाल के अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को महिला से कथित अनैतिक संबंध और पद के दुरुपयोग के आरोपों के बाद निलंबित किया गया है।