मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों के दौरान शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर समेत ज्यादातर जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
एक साथ दो मौसम सिस्टम सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। मानसून द्रोणिका, सक्रिय पवन कतरन क्षेत्र और पूर्वी व पश्चिमी हिस्सों में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण बारिश का सिलसिला तेज हुआ है। इन सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, रतलाम, मंदसौर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। वहीं शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सागर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और अन्य जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
बारिश की कमी में आया सुधार
लगातार बारिश के ब्रेक के बाद अब प्रदेश में बारिश के आंकड़ों में सुधार देखने को मिल रहा है। 20 जुलाई तक मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, जो अब घटकर लगभग 11 प्रतिशत रह गई है। बारिश के नए दौर से कई जिलों में जलस्तर और खेती को राहत मिलने की उम्मीद है।
अब भी औसत से पीछे है मानसून
मध्य प्रदेश में अब तक करीब 13 इंच यानी 330.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य बारिश का आंकड़ा 14.6 इंच यानी 370.9 मिलीमीटर होना चाहिए था। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति थोड़ी बेहतर है और यहां बारिश की कमी करीब 8 प्रतिशत रही है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।