मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए छतरपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं जबलपुर, ग्वालियर सहित 34 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
ऐसा ही मौसम रहने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के आसपास चार चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और एक ट्रफ सक्रिय है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। शनिवार को भोपाल और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि रविवार को भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।
वर्षा का औसत लगातार घटा
इस वर्ष जुलाई में अब तक मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अब तक प्रदेश में 247 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 291 मिमी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी 26 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 5 प्रतिशत दर्ज की गई है। पिछले नौ दिनों में किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश नहीं होने से वर्षा का औसत लगातार घटा है।
बारिश के मामले में देवास जिला सबसे आगे है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके विपरीत, अलीराजपुर में सबसे कम, केवल लगभग सवा दो इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत कम है।
जुलाई का महीना मानसून का सबसे महत्वपूर्ण दौर
मध्य प्रदेश में जुलाई का महीना मानसून का सबसे महत्वपूर्ण दौर माना जाता है। इसी महीने प्रदेश की कुल मौसमी वर्षा का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में जुलाई के दौरान नियमित वर्षा होती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून और सक्रिय होता है, तो वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और किसानों के लिए भी राहत की स्थिति बनेगी।