मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ और दो सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मंगलवार को सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है। राजधानी भोपाल में मंगलवार सुबह हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।
48 जिलों में बारिश सामान्य से कम
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक औसतन 336.7 मिमी (13.2 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक लगभग 407 मिमी (16 इंच) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। प्रदेश के अधिकांश जिले अब भी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे चल रहे हैं।
इन जिलों में बारिश का असर ज्यादा
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर और कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं भोपाल, देवास, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, भिंड, बुरहानपुर और मंदसौर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। देवास में अब तक सबसे अधिक 29 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश रिकॉर्ड की गई है।
28 से 30 जुलाई तक रहेगा नए सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के पास पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जुलाई में भी बारिश का कोटा अधूरा
जून में कमजोर मानसून के बाद जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन पिछले कई दिनों से वर्षा की गतिविधियां धीमी पड़ने से बारिश का औसत फिर घट गया है। प्रदेश की सामान्य वार्षिक वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है, जिसमें जुलाई का योगदान लगभग 40 प्रतिशत होता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि नया सिस्टम सक्रिय रहने से जुलाई के अंतिम दिनों में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है।