मध्यप्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया है। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में आज OPD बंद रखने का ऐलान किया है। हालांकि, आंदोलन के दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी।
भोपाल में इंटर्न डॉक्टर रातभर से कमला पार्क की सड़क पर डटे हुए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ा दी है।

लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के विरोध में आंदोलन तेज
इंटर्न डॉक्टरों का यह आंदोलन सोमवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के बाद और तेज हुआ। प्रदर्शनकारी डॉक्टर स्टाइपेंड में तत्काल बढ़ोतरी के साथ प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार, जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जूडा ने किया समर्थन, OPD और इलेक्टिव OT का बहिष्कार
इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) भी सामने आया है। मंगलवार को हमीदिया अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों ने नियमित OPD और इलेक्टिव OT के बहिष्कार का ऐलान किया है।
JDA मध्यप्रदेश के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अनुराग भारती के मुताबिक, कलेक्टर और CME के साथ बातचीत हुई है, लेकिन इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों पर कायम हैं।
डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में स्टाइपेंड में तत्काल बढ़ोतरी और प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज एवं वॉटर कैनन के इस्तेमाल की घटना की जांच शामिल है।
‘चिकित्सक समुदाय के लिए काला दिन’
मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय भी देर रात प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टरों से मिलने पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे चिकित्सक समुदाय के लिए ‘काला दिन’ बताया।
उन्होंने कहा कि यदि इंटर्न डॉक्टरों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश का पूरा चिकित्सक समुदाय उनके समर्थन में खड़ा रहेगा।
ABVP ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की
इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल की निंदा करते हुए घायल इंटर्न डॉक्टरों को तत्काल नि:शुल्क उपचार देने की मांग की है।
ABVP ने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की है।
बातचीत से समाधान निकालने की मांग
FAIMA India के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आकाश सोनी ने कहा कि संगठन की ओर से 27 जुलाई को मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को इंटर्न डॉक्टरों के मुद्दे को लेकर पत्र लिखा गया था।
उन्होंने सरकार से बल प्रयोग के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों में भी बातचीत के जरिए ऐसे मुद्दों का समाधान निकाला गया है।
इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू
डॉक्टर संगठनों के अनुसार, मंगलवार को नियमित OPD और इलेक्टिव OT का बहिष्कार किया जा रहा है, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। इससे सरकारी अस्पतालों में नियमित इलाज और ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि सरकार की ओर से मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।