पासपोर्ट रैकेट का खुलासा

बौद्ध मठ के पते पर बने करीब 40 संदिग्ध पासपोर्ट, STF के खुलासे से मचा हड़कंप; 70 पासपोर्ट जांच के घेरे में

मध्य प्रदेश STF ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट हासिल करने वाले गिरोह का खुलासा किया, जिसमें विदेश यात्रा के लिए भी पासपोर्ट का उपयोग हुआ।

By : सोनिया रायकवार
बौद्ध मठ के पते पर बने करीब 40 संदिग्ध पासपोर्ट, STF के खुलासे से मचा हड़कंप; 70 पासपोर्ट जांच के घेरे में

 

मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट हासिल करने वाले एक संदिग्ध नेटवर्क का STF ने खुलासा किया है। भोपाल में सामने आए इस मामले की जांच अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है। जांच में अन्ना नगर स्थित एक बौद्ध मठ के पते का कथित तौर पर इस्तेमाल कर करीब 40 संदिग्ध पासपोर्ट बनाए जाने की बात सामने आई है।

70 संदिग्ध पासपोर्ट जांच के घेरे में

मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) फिलहाल करीब 70 संदिग्ध पासपोर्ट की जांच कर रही है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे पासपोर्ट शामिल हैं, जो वर्ष 2021 से 2023 के बीच जारी किए गए थे। STF अब इन पासपोर्ट धारकों के वास्तविक पते, पहचान और संबंधित दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कर रही है। जांच का दायरा भोपाल के अलावा डबरा, बैतूल और छिंदवाड़ा तक भी पहुंच गया है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट जारी होने की प्रक्रिया में किन स्तरों पर लापरवाही या गड़बड़ी हुई।

बांग्लादेशियों को भारतीय नागरिक साबित करने का आरोप

जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि संगठित गिरोह अवैध तरीके से भारत आने वाले कुछ बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय नागरिक साबित करने का काम करता था। इसके लिए कथित तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज तैयार करवाए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगे भारतीय पासपोर्ट हासिल करने की प्रक्रिया पूरी की जाती थी।

बौद्ध मठ का पता जांच का अहम बिंदु

इस पूरे मामले में अन्ना नगर स्थित बौद्ध मठ का पता जांच का अहम हिस्सा बन गया है। STF यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर करीब 40 पासपोर्ट के लिए एक ही पते का इस्तेमाल कैसे हुआ और संबंधित पते का वेरिफिकेशन किस तरह किया गया। मामले ने पासपोर्ट जारी करने से पहले होने वाले पुलिस और अन्य स्तरों के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं।

विदेश यात्राओं तक पहुंचा नेटवर्क

जांच एजेंसी के मुताबिक, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल किए गए कुछ पासपोर्ट का इस्तेमाल विदेश यात्रा के लिए भी किया गया। इन पासपोर्ट धारकों के थाईलैंड, मलेशिया, चीन, श्रीलंका और जापान जाने की जानकारी सामने आई है। इससे जांच का दायरा अब सिर्फ फर्जी दस्तावेजों तक सीमित नहीं रह गया है। STF यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कौन-कौन से संपर्क थे।

वेरिफिकेशन सिस्टम पर भी उठे सवाल

करीब 70 संदिग्ध पासपोर्ट की जांच और एक ही पते से बड़ी संख्या में पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आने के बाद पासपोर्ट वेरिफिकेशन सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने से लेकर पहचान पत्र बनवाने, पते के सत्यापन और पासपोर्ट जारी होने तक इस कथित नेटवर्क ने किन-किन प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे रैकेट में शामिल लोगों और उनकी भूमिका को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।

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