राजधानी भोपाल में मध्य प्रदेश के पहले पेपरलेस अधिवक्ता चेंबर का शुभारंभ किया गया है। कृपाधानी लीगल सेंटर की ओर से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य अधिवक्ताओं और उनके ग्राहकों के लिए दस्तावेजों और केस से जुड़ी जानकारी को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित और व्यवस्थित रखना है। इस पहल से कानूनी प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

मोबाइल ऐप में रहेगी पूरी जानकारी
कृपाधानी लीगल की ओर से एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। इस ऐप में ग्राहक से जुड़ी सभी जरूरी दस्तावेजी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही संबंधित ग्राहक की पूरी फाइल भी डिजिटल रूप से ऐप में सुरक्षित रखी जा सकेगी। ग्राहक या अधिकृत व्यक्ति आईडी और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन कर अपनी फाइल और उससे जुड़ी जानकारी देख सकेगा।
कागजी फाइलों से मिलेगी राहत
पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से बड़ी संख्या में कागजी दस्तावेजों और फाइलों को संभालकर रखने की जरूरत कम होगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से दस्तावेजों को व्यवस्थित रखना, जरूरत के समय जानकारी तलाशना और केस से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना आसान होगा। साथ ही कागज के इस्तेमाल में कमी आने से यह पहल पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राज्यसभा सांसद ने किया शुभारंभ
इस पेपरलेस अधिवक्ता चेंबर और डिजिटल पहल का शुभारंभ राज्यसभा सांसद महेश केवट ने किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस पहल को आधुनिक तकनीक के साथ कानूनी व्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से कामकाज को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में यह प्रयास उपयोगी साबित हो सकता है।

PM मोदी के डिजिटल विजन को बढ़ावा
महेश केवट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटलीकरण के विजन के अनुरूप देश में लगातार डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृपाधानी लीगल सेंटर की पेपरलेस पहल इसी विजन को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। कानूनी क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल से आने वाले समय में कामकाज और अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
कानूनी सेवाओं में डिजिटल बदलाव
अधिवक्ता पंकज ने कहा कि पेपरलेस अधिवक्ता चेंबर की शुरुआत को कानूनी सेवाओं के क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। मोबाइल ऐप आधारित रिकॉर्ड व्यवस्था से अधिवक्ताओं और ग्राहकों दोनों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे कानूनी दस्तावेजों के प्रबंधन और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।