भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 सितंबर को सीएम हाउस में मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित के संचालक मण्डल की 26वीं बैठक ली। बैठक में उन्होंने जल निगम द्वारा विचार एवं अनुमोदन के लिए रखे गए विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी भी दे दी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित (एमपीजेएनएम) को पुर्नगठित कर मध्यप्रदेश जल एवं स्वच्छता निगम (एमपी-वास्को) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश जल निगम अब अपने नए नाम और नई जिम्मेदारियों के साथ प्रदेश में जल विकास एवं स्वच्छता प्रबंधन में नए लक्ष्यों के साथ काम करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम के वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए तैयार संचालक मण्डल के प्रतिवेदन तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनअंकेक्षित वार्षिक लेखाओं का अनुमोदन किया।
बजट अनुमान का अनुमोदन
मुख्यमंत्री ने कैप्टिव मोड के तहत 60 मेगावॉट ग्रिड-कनेक्टेड पवन ऊर्जा परियोजना विकसित करने के लिए गठित परियोजना कंपनी में मप्र जल निगम के प्रतिनिधित्व के लिए एमडी को अधिकृत कर दिया। साथ ही इसी परियोजना के विकास के लिए गठित प्रोजेक्ट कंपनी में डीमैटीरियलाइज्ड रूप में 26 प्रतिशत इक्विटी शेयर रखने का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मप्र जल निगम के इक्विटी शेयरों के नए पदाधिकारियों को हस्तांतरण तथा जल निगम द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किए गए बजट अनुमान 57 करोड़ रुपए का अनुमोदन किया।
निदेशक पद पर हुई नियुक्ति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम के संचालक मण्डल में स्वतंत्र निदेशक के पद पर सुमित बोस की पुन: नियुक्ति का भी अनुमोदन किया। उन्होंने प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन और एक्जीक्यूशन मेथोडोलॉजी के अनुसार मप्र जल निगम के एमडी की टेंडर मंजूरी की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए करने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया।