लुधियाना नगर निगम की बैठक मंगलवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा के पार्षदों के बीच जमकर विवाद हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों के पार्षद आपस में हाथापाई करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद हालात को शांत कराया गया।
F&CC के दो सदस्यों के चुनाव को लेकर विवाद
दरअसल, नगर निगम में फाइनेंस एंड कॉन्ट्रेक्ट कमेटी (F&CC) के दो सदस्यों के चुनाव को लेकर बैठक बुलाई गई थी। बैठक मेयर इंदरजीत कौर की अध्यक्षता में गुरु नानक देव भवन में आयोजित हुई। चुनाव की प्रक्रिया को लेकर भाजपा पार्षदों और विधायक दलजीत भोला के बीच बहस शुरू हो गई।
इसी दौरान मामला और गर्म हो गया। आरोप है कि विधायक के पूर्व PA रहे पार्षद अश्विनी शर्मा भी विवाद में शामिल हो गए और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
वोटिंग को लेकर भी आमने-सामने AAP-BJP
हंगामे की एक बड़ी वजह चुनाव की तारीख को लेकर भी सामने आई। विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि AAP के उम्मीदवार बैठक में मौजूद नहीं थे, इसलिए चुनाव प्रक्रिया में देरी की जा रही है। विपक्ष की ओर से तत्काल वोटिंग कराने की मांग की गई।
वहीं, निगम सेक्रेटरी विवेक वर्मा ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि उम्मीदवार शाम 5 बजे तक फार्म जमा कर सकते हैं और नियम के मुताबिक इसके तीन दिन बाद वोटिंग कराई जाएगी।
29 अगस्त को होगी वोटिंग
मेयर इंदरजीत कौर ने स्पष्ट किया कि F&CC के दो सदस्यों का चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया के तहत 29 अगस्त को मतदान होगा। हालांकि विपक्षी पार्षद तत्काल मतदान कराने की मांग पर अड़े रहे।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
वोटिंग की तारीख को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ने के बाद बैठक का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। पार्षदों के बीच हाथापाई की स्थिति बनने पर पुलिस ने मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को अलग किया। फिलहाल किसी तरह विवाद को शांत कराया गया, लेकिन बैठक में हुआ हंगामा शहर की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।