कौशांबी में बक्से में मिली लाश की गुत्थी सुलझी, लिव-इन पार्टनर ने की हत्या

हत्याकांड का खुलासा

कौशांबी में बक्से में मिली लाश की गुत्थी सुलझी, लिव-इन पार्टनर ने की हत्या

उत्तरप्रदेश के कौशांबी में युवती की लाश लोहे के बक्से में मिलने के 12 दिन बाद पुलिस ने उसके लिव-इन पार्टनर को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।

कौशांबी में बक्से में मिली लाश की गुत्थी सुलझी लिव-इन पार्टनर ने की हत्या

कौशांबी के कोखराज में लोहे के बक्से में मिली युवती की लाश |

उत्तरप्रदेश के कौशांबी के कोखराज में लोहे के बक्से में मिली युवती की लाश की गुत्थी 12 दिन की गहन पड़ताल के बाद सुलझ गई। ‘वो कौन थी’ इस सवाल ने पुलिस को उलझा रखा था, उसका जवाब मिल गया। पुलिस के अनुसार युवती की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके लिव-इन पार्टनर ने की थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड में आरोपी के साथ उसके 1 मददगार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। 

बक्से में मिला शव

बता दे, 15 अप्रैल की शाम चकिया गांव के पास कानपुर की ओर से आए कार सवार लोग लोहे का बक्सा फेंककर फरार हो गए थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बक्सा खोला तो उसमें करीब 30 साल की युवती का शव मिला। लेकिन शव की पहचान नहीं हो सकी थी, जबकि पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। इसके बाद मामला ब्लाइंड मर्डर में बदल गया और पुलिस ने जांच शुरू की। 

हत्याकांड का खुलासा

पुलिस की 3 टीमें गठित की गईं। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, 100 से ज्यादा CCTV फुटेज और कई जिलों में पड़ताल के जरिए केस की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच के दौरान पुलिस टीमें चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, कानपुर नगर, फतेहपुर, प्रतापगढ़, बरेली समेत 1 दर्जन से ज्यादा जिलों में सुराग तलाशती रहीं। सोमवार को वाहन चेकिंग के दौरान मिली सूचना के बाद कोखराज पुलिस और SOG ने कार सवार 2 लोगों—कानपुर निवासी हर्ष खियानी उर्फ बिट्टू और यश गुप्ता—को हिरासत में लेकर पूछताछ की। यहीं से पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। 

मृतका की पहचान

पूछताछ में पता चला कि मृतका मोनी वर्मा अमेठी की रहने वाली थी और करीब 3 साल पहले काम की तलाश में कानपुर आई। वहां उसकी मुलाकात ट्रैवेल्स कंपनी में चालक हर्ष खियानी से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। हर्ष पहले से शादीशुदा था, लेकिन उसने परिवार से छिपाकर मोनी वर्मा के साथ लिव-इन में रहना शुरू कर दिया। इसी बीच मोनी ने उस पर रिश्ते को सार्वजनिक करने का दबाव बनाना शुरू किया। 

गला दबाकर हत्या

आरोपी को डर था कि अगर मोनी घर पहुंची तो उसकी पहली पत्नी और परिवार के सामने राज खुल जाएगा। इसी डर से उसने मोनी उसने पहले बाजार से लोहे का बक्सा, कुनैन की गोलियां और पॉलिथीन खरीदी और फिर 15 अप्रैल को मोनी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने अपने साथी यश की मदद से शव को बक्से में बंद किया और कौशांबी के कोखराज में हाईवे किनारे फेंक दिया।

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