झारखंड में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब राज्य के सभी जिलों में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। अवैध खनन और खनिजों के परिवहन पर नजर रखने के लिए अलग-अलग जिलों में चेकनाका भी बनाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है।
राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक
सीएम के निर्देश के बाद खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों में टास्क फोर्स गठित करने पर सहमति बनी। बैठक में खनन से जुड़े अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय, खनन प्रहरी के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों की जांच और नियमानुसार कार्रवाई समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त तक हुई राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई।
14 जिलों में पहले से चल रहे चेकपोस्ट
बैठक में जिलों में चेकनाका और चेकपोस्ट की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक धनबाद, गुमला, सिमडेगा, साहिबगंज, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर, गढ़वा, पलामू, पाकुड़, दुमका, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां और कोडरमा में स्थायी या अस्थायी रूप से चेकपोस्ट संचालित हो रहे हैं। वहीं चतरा, जामताड़ा, गोड्डा, खूंटी और देवघर के खनन पदाधिकारियों ने चेकपोस्ट की स्थापना के लिए राशि की मांग की है। बैठक में जल्द राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई।
इन जिलों में बनेंगे नए चेकनाके
रांची, लातेहार, गिरीडीह, चाईबासा, लोहरदगा और कोडरमा में चेकपोस्ट की व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में चेकनाका स्थापित करने का निर्णय लिया गया, ताकि खनिजों के अवैध परिवहन पर निगरानी बढ़ाई जा सके।सरकार की योजना खनिजों के परिवहन के दौरान जांच व्यवस्था को मजबूत करने की है। इससे अवैध तरीके से खनिजों की आवाजाही करने वालों पर कार्रवाई आसान हो सकेगी।
शिकायतों पर होगी जांच और कार्रवाई
बैठक में अधिकारियों को अवैध खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़ी शिकायतों की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए गए। खनन प्रहरी के जरिए मिलने वाली शिकायतों पर भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके साथ ही उच्च न्यायालय और एनजीटी के अवैध खनन से जुड़े आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खनिजों की आपूर्ति के लिए वैध स्रोतों यानी लीगल सोर्स बढ़ाने पर भी काम करने को कहा गया।
जब्त खनिज और वाहनों का होगा नियमानुसार निपटारा
सरकार ने थाना परिसरों में जब्त किए गए खनिजों और वाहनों के मामलों का नियमानुसार निपटारा करने के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अवैध खनन के साथ-साथ अवैध परिवहन और भंडारण पर भी प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। सरकार की ओर से जिलों में टास्क फोर्स और चेकनाका व्यवस्था मजबूत किए जाने के बाद अवैध खनन पर निगरानी और कार्रवाई का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।