जयपुर के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में नगर निकाय चुनाव के दौरान फर्जी मतदान के आरोप को लेकर हंगामा हो गया। वार्ड नंबर 49 के श्रीराम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर पहुंची महिला मतदाता सुनीता देवी को बताया गया कि उनके नाम से पहले ही वोट डाला जा चुका है। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी धर्म सिंह सिंघानिया और उनके समर्थक मौके पर पहुंचे और विरोध जताया।
सुनीता देवी के नाम से पहले वोट
सुनीता देवी पत्नी भागचंद शुक्रवार को मतदान करने के लिए श्रीराम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल स्थित पोलिंग बूथ पहुंचीं। वहां उन्हें बताया गया कि उनके नाम से मतदान पहले ही किया जा चुका है। सुनीता ने इस पर हैरानी जताई और कहा कि वह तो अब वोट डालने के लिए आई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके नाम से पहले वोट आखिर किसने डाल दिया।
मामला गरमाया
सुनीता देवी ने इसकी जानकारी अपने परिचितों को दी, जिसके बाद मतदान केंद्र पर मामला गरमा गया। फर्जी मतदान की सूचना मिलने पर वार्ड नंबर 49 से कांग्रेस प्रत्याशी धर्म सिंह सिंघानिया भी समर्थकों के साथ पोलिंग बूथ पहुंचे। उन्होंने कथित फर्जी मतदान को लेकर विरोध दर्ज कराया और मामले की जांच कराने की मांग की।
BJP पर लगाए गंभीर आरोप
धर्म सिंह सिंघानिया ने भाजपा पर चुनाव में फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए और किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। सिंघानिया ने दावा किया कि कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश शर्मा की स्थिति मजबूत होने के कारण भाजपा पर हार का दबाव है और चुनाव प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर फर्जी मतदान कराया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं करेंगे’
सिंघानिया ने कहा कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो कांग्रेस उसका विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह पोलिंग बूथ के बाहर धरने पर भी बैठेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मामले की जांच कराने और सुनीता देवी को मतदान का अवसर दिए जाने की मांग उठाई।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फर्जी मतदान के आरोप के बाद पोलिंग बूथ के बाहर कुछ देर तनाव का माहौल रहा। अब प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सुनीता देवी के नाम से मतदान पहले कैसे दर्ज हुआ और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या थी। फिलहाल कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ होगी।