सतवास में बैलगाड़ी दौड़ का जुनून, 24 घंटे की टक्कर के बाद विजेता को मिली बुलेट!

अंतर्राष्ट्रीय बैलगाड़ी दौड़ सतवास में

सतवास में बैलगाड़ी दौड़ का जुनून, 24 घंटे की टक्कर के बाद विजेता को मिली बुलेट!

मध्य प्रदेश के सतवास में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बैलगाड़ी दौड़ में 100 से अधिक बैलगाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिसमें परंपरा और उत्साह की झलक मिली।

सतवास में बैलगाड़ी दौड़ का जुनून 24 घंटे की टक्कर के बाद विजेता को मिली बुलेट

मध्य प्रदेश के देवास जिले के सतवास में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता ने ग्रामीण खेल और परंपराओं के प्रति लोगों का उत्साह एक बार फिर साबित कर दिया। आधुनिक दौर में जहां पारंपरिक खेल धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहे हैं, वहीं इस प्रतियोगिता में उमड़ी हजारों लोगों की भीड़ ने दिखा दिया कि ग्रामीण संस्कृति और लोक परंपराओं का आकर्षण आज भी बरकरार है।

100 से अधिक बैलगाड़ियों ने हिस्सा लिया

प्रतियोगिता का आयोजन सतवास के तालाब मैदान में किया गया, जहां बुधवार दोपहर से शुरू हुए मुकाबले गुरुवार दोपहर तक लगातार करीब 24 घंटे चले। इस दौरान दर्शकों का उत्साह देखने लायक था। बड़ी संख्या में लोग पूरी रात मैदान और उसकी पाल पर डटे रहे और बैलगाड़ियों की रफ्तार का रोमांच देखते रहे। प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से 100 से अधिक बैलगाड़ियों ने हिस्सा लिया।

पहला स्थान हासिल किया

प्रतियोगिता के दौरान बैलों की ताकत, गति और उनके मालिकों की तैयारी ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। हर मुकाबले में जीत हासिल करने के लिए प्रतिभागियों ने पूरा दमखम दिखाया। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें मगरिया गांव के पदम पटेल के बैल ‘शेरा’ और ‘शक्ति’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया।

रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल प्रदान की गई

विजेता टीम को पुरस्कार स्वरूप रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल प्रदान की गई। इसके अलावा विजेता और अन्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को शील्ड तथा सम्मान पुरस्कार भी दिए गए। पुरस्कार वितरण समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी मौजूद रहे।

आयोजकों का कहना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वहीं दर्शकों ने भी इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह दिखाया। सतवास की यह बैलगाड़ी दौड़ न केवल खेल प्रतियोगिता बनी, बल्कि ग्रामीण जीवन, परंपरा और सामुदायिक एकता का भी अनूठा उत्सव साबित हुई।
 

संबंधित सामग्री

एमपी की सूरत बदल देगी 5017 करोड़ की सड़क, सीएम डॉ. यादव बोले- लिखेंगे विकास का नया अध्याय

राज्य

एमपी की सूरत बदल देगी 5017 करोड़ की सड़क, सीएम डॉ. यादव बोले- लिखेंगे विकास का नया अध्याय

मध्यप्रदेश में नए ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग का शिलान्यास और केंद्रीय विद्यालय का उद्घाटन हुआ, जिससे रोजगार और विकास में तेजी आएगी।

दतिया उपचुनाव: BJP ने आशुतोष तिवारी को बनाया उम्मीदवार, नरोत्तम मिश्रा का नाम नहीं

राज्य

दतिया उपचुनाव: BJP ने आशुतोष तिवारी को बनाया उम्मीदवार, नरोत्तम मिश्रा का नाम नहीं

भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व विधायक की सजा पर रोक लगाने से इनकार किया।

अतिथि विद्वानों की मांगों पर बनेगी कमेटी, फिक्स सैलरी और नियमितीकरण पर करेगी विचार: CM मोहन यादव

राज्य

अतिथि विद्वानों की मांगों पर बनेगी कमेटी, फिक्स सैलरी और नियमितीकरण पर करेगी विचार: CM मोहन यादव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अतिथि विद्वानों की फिक्स सैलरी और नियमितीकरण पर विचार के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की।

MP पुलिस में प्रमोशन प्रक्रिया तेज, PHQ ने बनाई दो हाई लेवल कमेटियां; DGP ने जारी किए आदेश

राज्य

MP पुलिस में प्रमोशन प्रक्रिया तेज, PHQ ने बनाई दो हाई लेवल कमेटियां; DGP ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश पुलिस ने पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए दो उच्च स्तरीय समितियों का गठन किया है।

नशा मुक्त एमपी पर सीएम डॉ. मोहन का फोकस, कहा- इससे वर्तमान और भावी पीढ़ियां हो जाती हैं बर्बाद

राज्य

नशा मुक्त एमपी पर सीएम डॉ. मोहन का फोकस, कहा- इससे वर्तमान और भावी पीढ़ियां हो जाती हैं बर्बाद

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' अभियान के तहत प्रदेशवासियों से सहयोग की अपील की। इस अभियान का उद्देश्य समाज को नशे से मुक्त करना है।