हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश को केंद्र से घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता राशि मिलने का इंतजार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में यह रकम जारी हो जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हिमाचल को इस आर्थिक मदद से राहत एवं पुनर्वास कार्यों में काफी सहायता मिलेगी।
सुक्खू कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में हिमाचल प्रदेश के मौजूदा हालात समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
‘सीडब्ल्यूसी हमारी सबसे बड़ी नीति-निर्धारक संस्था’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी पार्टी की सबसे बड़ी नीति-निर्धारक संस्था है। बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, राष्ट्रीय परिस्थितियों और कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होती है। उन्होंने बताया कि इन्हीं चर्चाओं में हिस्सा लेने के लिए वह बैठक में पहुंचे हैं।
बारिश कहीं राहत तो कहीं बनी आफत
हिमाचल के मौसम और बारिश से पैदा हुई परिस्थितियों पर सुक्खू ने कहा कि इस बार प्रदेश में कुल मिलाकर बारिश कम हुई है। हालांकि, जिन इलाकों में बारिश हुई, वहां कुछ स्थानों पर नुकसान भी सामने आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का एक इलाका ऐसा भी है, जहां बेहद कम बारिश होने के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन को भी मौजूदा परिस्थितियों से जोड़ते हुए कहा कि इसके प्रभाव लगातार देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले से ही आपदा-संवेदनशील क्षेत्र रहा है। मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार लगातार तैयारियां करती है और जरूरत के मुताबिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाती हैं।
‘1500 करोड़ मिलने की उम्मीद’
सुक्खू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया था। राज्य सरकार अब इस राशि के जारी होने की प्रतीक्षा कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही केंद्र से यह रकम मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस राशि से प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को गति देने में काफी मदद मिलेगी।
कई जिलों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
इस बीच मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी प्रदेश के मौसम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि किन्नौर, ऊना, कांगड़ा, सोलन, हमीरपुर, चंबा और मंडी समेत कई जिलों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सुक्खू ने कहा कि लगातार बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें अलर्ट पर हैं तथा प्रभावित इलाकों में जरूरी सहायता एवं राहत कार्य सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
उन्होंने लोगों से मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने को कहा।